खूंटी में गोली भी चली, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी अौर कई घायल हुए. ऐसा आज तक नहीं हुआ कि किसी सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बातें कहने आ रहे लोगों को जबरन रोका अौर उन पर गोलियां चलायी हों. उन्होंने कहा कि गोलीकांड में जो भी सरकारी पदाधिकारी शामिल थे, उन पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए मोरचा पहल करेगी. खूंटी के जो ग्रामीण घायल हैं, उनकी भी हर संभव मदद की जायेगी. एक सवाल के जवाब में डॉ करमा उरांव ने कहा कि आइएएस वंदना डाडेल के मामले में भी सरकार का रवैया गलत है. मुख्यमंत्री सरकारी कार्यक्रमों में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं. वंदना डाडेल ने इस मसले पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया दी थी. उनके खिलाफ सरकार के द्वारा कार्रवाई करना गलत होगा.
कल टीएसी सदस्यों का पुतला जलायेगा मोरचा
रांची : झारखंड आदिवासी संघर्ष मोरचा 2 नवंबर को ट्राइबल एडवायजरी काउंसिल (टीएसी) के सभी सदस्यों का पुतला जलायेगा. सोमवार को मोरचा के तत्वावधान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डॉ करमा उरांव, देवकुमार धान, प्रेमशाही मुंडा, प्रो प्रवीण उरांव, मोती कच्छप सहित अन्य ने यह जानकारी दी. डॉ करमा उरांव ने कहा कि सरकार सीएनटी-एसपीटी […]
रांची : झारखंड आदिवासी संघर्ष मोरचा 2 नवंबर को ट्राइबल एडवायजरी काउंसिल (टीएसी) के सभी सदस्यों का पुतला जलायेगा. सोमवार को मोरचा के तत्वावधान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डॉ करमा उरांव, देवकुमार धान, प्रेमशाही मुंडा, प्रो प्रवीण उरांव, मोती कच्छप सहित अन्य ने यह जानकारी दी.
डॉ करमा उरांव ने कहा कि सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन की अपनी हठधर्मिता से बाज नहीं आ रही है. संशोधन को नये स्वरूप में लाने के लिए वह विधायक दल की बैठक बुला रही है. टीएससी सदस्यों को भी बुलाया जा रहा है. डॉ करमा उरांव ने कहा कि 22 अक्तूबर की रैली में आ रहे लोगों को पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन ने सरकार के इशारे पर रोका गया.
टीएसी की बैठक तीन को संशोधन पर होगा विचार
आदिवासी परामर्शदात्री समिति (टीएसी) की बैठक तीन नवंबर को होगी. बैठक में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में सरकार द्वारा किये गये संशोधन पर पुनर्विचार किया जायेगा. उल्लेखनीय है कि सत्ता पक्ष के वैसे विधायक जो टीएसी के सदस्य भी हैं, उन्होंने हाल के दिनों में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन पर आपत्ति दर्ज करायी थी. कुछ विधायकों ने कहा था कि टीएसी में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा के बिना ही उनके हस्ताक्षर करा लिये गये थे. ऐसे कुछ विधायक केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री जुएल उरांव से भी मिले थे. इधर, राज्य में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के मुद्दे पर कई संगठन आंदोलन कर रहे हैं. सरकार ने ताजा हालात में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है. सरकार ने सत्ता पक्ष के विधायकों को भी राय देने के लिए कहा है. टीएसी की बैठक कर सरकार मामले का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है.
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