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अस्पतालों में आग से बचाव के क्या उपाय किये गये : हाइकोर्ट

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य के अस्पतालों में आग से बचाव को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया. एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने कहा कि अस्पतालों में आग से बचाव के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 12, 2016 1:09 AM
रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य के अस्पतालों में आग से बचाव को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया. एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने कहा कि अस्पतालों में आग से बचाव के काैन-काैन साधन उपलब्ध हैं.

सभी अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है अथवा नहीं. अग्निशमन की गाड़ियां अस्पताल के प्रत्येक कोने में पहुंचने में सक्षम है या नहीं. रिपोर्ट में सभी जानकारी देने को कहा गया. खंडपीठ ने यह भी कहा कि कोलकाता व अोड़िशा के अस्पतालों में आग लगने की घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा का इंतजाम करना जरूरी हो गया है.

रांची के रिम्स, जमशेदपुर के एमजीएम व धनबाद के पीएमसीएच भवन की मरम्मत, रखरखाव व सीपेज रोकने से संबंधित उठाये गये कदमों की जानकारी देने को भी कहा गया. खंडपीठ ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी. उल्लेखनीय है कि अस्पतालों में जलजमाव व सीपेज को हाइकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.

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