116 संपन्न लोगों ने मांगा शौचालय बनाने का पैसा

रांची: गिरिडीह के सरिया बरवाडीह में 116 संपन्न लोगों ने स्वयं के पैसे से शौचालय बनवाया. अब वे पेयजल स्वच्छता विभाग से राशि का भुगतान चाहते हैं. इधर विभाग ने राशि देने से इनकार कर दिया है. यह मामला बुधवार को मुख्यमंत्री जनसंवाद में साप्ताहिक समीक्षा के दौरान प्रकाश में आया. जनसंवाद में 150 लोगों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची: गिरिडीह के सरिया बरवाडीह में 116 संपन्न लोगों ने स्वयं के पैसे से शौचालय बनवाया. अब वे पेयजल स्वच्छता विभाग से राशि का भुगतान चाहते हैं. इधर विभाग ने राशि देने से इनकार कर दिया है. यह मामला बुधवार को मुख्यमंत्री जनसंवाद में साप्ताहिक समीक्षा के दौरान प्रकाश में आया.

जनसंवाद में 150 लोगों ने शिकायत दर्ज करायी और कहा कि उन्होंने खुद से पैसे से शौचालय बनाया, लेकिन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इस पर कार्यपालक अभियंता ने बताया कि उन्होंने खुद इसकी जांच की है. इसमें पाया गया है कि 116 लोगों के पक्के मकान हैं. उनके हर प्रकार के भौतिक संसाधन मौजूद हैं. यह राशि उनके लिए है, जो निर्धन हैं.
गोड्डा में 1300 शौचालय का अधूरा निर्माण, प्राथमिकी
गोड्डा के तेतरिया मल से शिकायत की गयी थी कि स्वच्छ मिशन के तहत रानीडीह, मलहारा, दलदली, कुबजीघाट व करनातरी गांव में 1300 शौचालय का आधा-अधूरा निर्माण कराया गया है. अधिकारियों ने कहा कि शिकायत में सत्यता पायी गयी है. संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है. इस पर श्री कुमार ने कहा कि इस मामले में कोई भी दोषी हो, उसके खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया जाये. वहीं लोहरदगा के कुरसे गांव निवासी रफीक अंसारी के फसल बीमा की राशि का भुगतान एक सप्ताह में करने को कहा गया.
पांच साल पहले टंकी बनी, जलापूर्ति नहीं
पलामू के लालगढ़ में पांच वर्ष पहले पानी टंकी बना दिया गया है, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी है. यह जानकारी मिलने पर प्रधान सचिव संजय कुमार ने नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि जब एेसे सामान्य कार्यों के लिए विभागीय प्रधान सचिव स्वयं देखे तो स्पष्ट हो जाता है कि यह दोष व्यवस्था का है. इसमें व्यक्तिगत दिलचस्पी लें, समस्या का हल निकालें.
गुरुवाड़ा में चार दिन के अंदर खोलें प्रज्ञा केंद्र
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने हजारीबाग के गुरुवाड़ा में चार दिन के अंदर प्रज्ञा केंद्र खोलने का निर्देश दिया है. उन्होंने पूछा आखिर क्या कारण है कि पीडीएस चलाने के लिए लंबी लाइन लगी रहती और प्रज्ञा केंद्र चलाने के लिए आदमी का टोटा हो जाता है. इससे पता चलता है कि कहीं न कहीं इकोनॉमिक मॉडल दोषी है. शिकायत की गयी थी कि प्रज्ञा केंद्र बसरिया पिछले सात वर्ष से बंद है.
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