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सरकार की नीयत साफ, कोई हिडेन एजेंडा नहीं : अमर बाउरी

रांची: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोरचा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सह खिजरी विधायक राम कुमार पाहन का सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में अभिनंदन किया गया. कार्यकर्ताओं ने 51 किलो का माला पहनाकर श्री पाहन का अभिनदंन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन विधेयक झारखंड की जनजाति […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2016 1:15 AM

रांची: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोरचा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सह खिजरी विधायक राम कुमार पाहन का सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में अभिनंदन किया गया. कार्यकर्ताओं ने 51 किलो का माला पहनाकर श्री पाहन का अभिनदंन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन विधेयक झारखंड की जनजाति समाज को मजबूती से सुरक्षा प्रदान करेगी. साथ ही यह जनजाति समाज के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये तीनों संशोधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कहा : सरकार की नीयत पूरी तरह से साफ है, सरकार का कोई भी हिडेन एजेंडा नहीं है.

मोरचा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार पाहन ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट संसोधन विधेयक को मुद्दा बना कर विपक्ष आम जनता को बहला-फुसला कर दिग्भ्रमित करने का काम कर रहा है. इस एक्ट में सरलीकरण होने से आदिवासी समाज के लिए विकास का दरवाजा खुल गया है. सरकार ने सीएनटी एक्ट की धारा 71 ए के माध्यम से राज्य में रहनेवाले आदिवासियों की जमीन अवैध रूप से हस्तांतरित करने पर रोक लगा कर आदिवासियों की जमीन को शत-प्रतिशत सुरक्षा देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानीय नीति लागू कर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नौकरी में शत-प्रतिशत स्थानीय युवक-युवतियों को रोजगार देने का काम किया है. वहीं दूसरी तरफ शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन और झामुमो ने लगातार झारखंड को बेचने का काम किया है. हेमंत सोरेन झारखंडियों की हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं. एक तरफ सीएनटी-एसपीटी एक्ट के रक्षक बनने की बात करते हैं.

वहीं दूसरी तरफ सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर एक गरीब आदिवासी की जमीन हड़प ली. राज्य की जनता उनकी घड़ियाली आंसू को समझ चुकी है. मौके पर आदित्य साहू, नवीन जायसवाल, गंगोत्री कुजूर, प्रतुल शाहदेव, रणधीर चौधरी, सुनील फकीरा कच्छप, लखन मार्डी, अशोक बड़ाईक, नकुल तिर्की,विंदेश्वर उरांव, रूप लक्ष्मी मुंडा, देवीदयाल मुंडा, विजय उरांव, नूतन पाहन, देवीधन टुडू, शोभा सामंत, रेणु तिर्की, भोगेन सोरेन, मंजू सिंह, बिरसा पाहन, जानकी कोड़ा, दिलीप हेम्ब्रोम, सुकमनी हेंब्रम, अनु लकड़ा, बिरसा मिंज, अर्जुन मुंडा, शांति टोप्पो आदि मौजूद थे़

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