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हमारे दृष्टिकोण व आचरण की मांग है न्याय और धार्मिकता : कार्डिनल

रांची: कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने गुमला के सोसो में कार्मेल आश्रम की आशीष की. मौके पर उन्होंने कहा कि न्याय व धार्मिकता न केवल ईश्वर की विशेषता है, बल्कि मानव जीवन के प्रति हमारे दृष्टिकोण और आचरण की मांग भी है. ईश्वर का मंदिर किसी जाति-धर्म विशेष के लिए नहीं है, बल्कि मुक्ति के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 17, 2017 1:00 AM
रांची: कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने गुमला के सोसो में कार्मेल आश्रम की आशीष की. मौके पर उन्होंने कहा कि न्याय व धार्मिकता न केवल ईश्वर की विशेषता है, बल्कि मानव जीवन के प्रति हमारे दृष्टिकोण और आचरण की मांग भी है. ईश्वर का मंदिर किसी जाति-धर्म विशेष के लिए नहीं है, बल्कि मुक्ति के लिए सब लोगों की अभिलाषाओं को संतुष्ट करता है.

एक कनानी अर्थात गैर यहूदी स्त्री को प्रभु यीशु का संदेश ईंट पत्थर के मंदिर अथवा धार्मिक कट्टरता के बहुत ऊपर विश्व बंधुत्व का संदेश देता है़ वे ईश्वर को समस्त मानवजाति का परम करुणामय पिता घोषित करते है़ं.

उन्होंने कहा कि मठ के बाहर रहनेवाले लोगों के लिए मठवासी जीवन जीनेवाले मसीही विश्वासियों की भूूमिका एक पावर हाउस की तरह है, जहां मसीही साक्ष्य की ऊर्जा पैदा होती है़ इस ऊर्जा से मसीही विश्वासियों का सुसमाचारी साक्ष्य मजबूत होता है़ मेरा आग्रह है कि धर्मबहनें कलीसिया के लिए उदारतापूर्वक प्रार्थना करती रहे़.
मौके पर कार्मेल आश्रम की सुपीरियर सिस्टर मेरी एग्नेस, धर्मसमाजी जीवन के 50 साल पूरे करनेवाली सिस्टर मेरी सेलीन, बिशप पॉल लकड़ा, बिशप विनय कंडुलना, बिशप इमानुएल केरकेट्टा, बिशप पॉल टोप्पो, बिशप गैब्रिएल कुजूर, विभिन्न धर्मसमाज के 20 पुरोहित व काफी संख्या में लोग मौजूद थे़

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