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एक्ट में संशोधन से आदिवासियों का विनाश

रांची: झारखंड आदिवासी संघर्ष मोरचा ने कहा है कि सरकार ने सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन कर ऐतिहासिक कार्य जरूर किया है, क्योंकि इससे आदिवासियों का संपूर्ण विनाश होगा़ यही राज्य सरकार का एजेंडा भी है़ उक्त बातें मुख्य संयोजक डॉ करमा उरांव, संयोजक प्रेमशाही मुंडा व अन्य ने होटल गंगा आश्रम में पत्रकारों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 19, 2017 12:48 AM
रांची: झारखंड आदिवासी संघर्ष मोरचा ने कहा है कि सरकार ने सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन कर ऐतिहासिक कार्य जरूर किया है, क्योंकि इससे आदिवासियों का संपूर्ण विनाश होगा़ यही राज्य सरकार का एजेंडा भी है़ उक्त बातें मुख्य संयोजक डॉ करमा उरांव, संयोजक प्रेमशाही मुंडा व अन्य ने होटल गंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही़ वे सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
उन्होंने कहा कि संशोधन के विरोध में दिल्ली में छह मार्च को संसद मार्च व जंतर मंतर पर धरना का कार्यक्रम होगा, जिसमें विभिन्न राज्य के आदिवासी व मूलवासी शामिल होंगे़.
ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का विरोध : झारखंड में 16 व 17 फरवरी को होनेवाले ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का विरोध करते हुए सदस्यों ने कहा कि इससे आदिवासी विरोधी औद्योगिक संरचना का विकास होगा, जिसके लिए आदिवासी समाज तैयार नहीं है़ इसके विरोध में 15 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों में सीएम का पुतला फूकेंगे़.
विस्तारित कार्यसमिति की बैठक 22 को : मोरचा ने 22 जनवरी का वनभोज व बैठक का कार्यक्रम रद्द करते हुए उस दिन दोपहर 12 बजे से एदलहातु स्थित आनंद मंगल बैंक्वेट में विस्तारित कार्यसमिति की आकस्मिक बैठक बुलायी है़ संवाददाता सम्मेलन में दिनेश उरांव, जीता उरांव, राइमुनी मुंडा, परमेश्वर मुंडा व अन्य मौजूद थे़

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