बजट सत्र: सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का मामला नहीं पड़ा ठंडा, झामुमो ने किया हंगामा, सिर्फ 25 मिनट चली सदन की कार्यवाही

रांची : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में सरकार की ओर से किये गये संशोधन का मामला बजट सत्र में भी ठंडा नहीं पड़ा़ पिछले मॉनसून और शीतकालीन सत्र से यह मामला सदन के अंदर गरमा रहा है. झामुमो ने बजट सत्र में भी इसे मुद्दा बना लिया है़ गुरुवार को बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में सरकार की ओर से किये गये संशोधन का मामला बजट सत्र में भी ठंडा नहीं पड़ा़ पिछले मॉनसून और शीतकालीन सत्र से यह मामला सदन के अंदर गरमा रहा है. झामुमो ने बजट सत्र में भी इसे मुद्दा बना लिया है़ गुरुवार को बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ झामुमो विधायक नारेबाजी करने लगे़ सदन चलने नहीं दिया. हो-हंगामा और अव्यवस्था के बीच दोनों पाली मिला कर सदन की कार्यवाही महज 25 मिनट चली़ पहली पाली में 15 मिनट और दूसरी पाली 10 मिनट. दोनों ही पाली में तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई़ हो-हंगामा के बीच ही सरकार ने विधायी कार्य पूरे किये़.
हालांकि सदन में झामुमो विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन फिर भी इस मुद्दे पर कोई मानने को तैयार नहीं था़ झामुमो के विधायक वेल में घुस कर नारेबाजी करते रहे़ झामुमो विधायक जयप्रकाश भाई पटेल तो वेल में ही सो गये़ वहीं स्पीकर दिनेश उरांव झामुमो विधायकों से बार-बार आग्रह करते रहे कि यह सब ठीक नहीं है़ अच्छा संदेश नहीं जायेगा़ सदन को बाधित ना करे़ं इधर, झामुमो को छोड़ कांग्रेस और झाविमो के विधायक प्रश्नकाल चलाने के पक्ष में थे़ सदन में मौजूद झामुमो विधायक अमित महतो, दीपक बिरुआ, निरल पूर्ति, जगन्नाथ महतो, कुणाल षाड़ंगी, चमरा लिंडा और जयप्रकाश भाई पटेल लगातार वेल में घुस रहे रहे़ सत्ता पक्ष के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी अब विधानसभा का इश्यू नहीं है. राष्ट्रपति के पास मामला जायेगा़ झामुमो के लोग राष्ट्रपति के पास जा चुके है़ं इस तरह से सदन को बाधित करना अनुचित है़ सत्ता पक्ष के बिरंची नारायण, अनंत ओझा, जानकी यादव आदि विधायकों ने झामुमो विधायकों के आचरण का विरोध किया़.
झाविमाे विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी गंभीर मामला है़ सरकार से काफी आग्रह किया गया कि संशोधन को वापस ले़ं
राज्यहित में जनता की आवाज सुनने को कहा गया है, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है़ सरकार मानने के लिए तैयार ही नहीं है़ सदन आगे चले, नहीं तो इसकी आड़ में सरकार कई गलत काम करेगी़ विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झाविमो के नेता बाबूलाल मरांडी कह चुके हैं कि उनकी सरकार बनेगी, तो संशोधन वापस लिया जायेगा़ अब झाविमो को 2019 तक इंतजार करना चाहिए. भाजपा विधायकों का कहना था कि हंगामा करनेवालों को मार्शल आउट करे़ं 15 मिनट तक हंगामा नहीं थामा, तो स्पीकर ने 12:30 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी़ दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो झामुमो विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया. झामुमो विधायक वेल में ही रहे़ शोरगुल के बीच संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय ने सदन में तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया़ इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी. दूसरी पाली में भी सदन व्यवस्थित नहीं हो पाया़ झामुमो विधायक हंगामा करते रहे़ बिना चर्चा के राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया़ सत्ता पक्ष के राधाकृष्ण किशोर ने सदन में धन्यवाद प्रस्ताव रखा़ इसका समर्थन रामकुमार पहान ने किया़ हो-हंगामा के बीच प्रस्ताव पारित हुआ और स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी़ हंगामे की वजह से अनुपूरक बजट के कटौती प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हुई़
2069.66 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
सरकार ने विधानसभा में गुरुवार को 206966.97 लाख रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया. संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने चालू वित्तीय वर्ष का अनुपूरक बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा. तृतीय अनुपूरक बजट में राजस्व खर्च के लिए134780.50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं पूंजीगत खर्च के लिए 72186.47 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. चार्जड एक्सपेंडिचर के रूप में हाइकोर्ट के लिए 210.00 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. अनुपूरक में पूंजीगत खर्च के लिए सबसे ज्यादा पथ निर्माण के लिए 31055.00 लाख रुपये का प्रावधान है,जबकि राजस्व खर्च के लिए ऊर्जा विभाग के लिए 30146.00 लाख रुपये का प्रावधान है.
सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा : सरयू
रांची. संसदीय और वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री सरयू राय ने कहा कि अनुपूरक बजट से राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा़ इसमें अधिकांश राशि भारत सरकार से मिली है़ केंद्र के पैसे को कैसे खर्च किया जाये, इसकी ही अनुमति सदन से मांगी गयी है़ इसके साथ ही कुछ पैसे विभागों में बचे हैं. एक विभाग के पैसे दूसरे विभाग में एडजस्ट किये जा रहे हैं. इनमें 15 सौ 93 करोड़ की योजना और 400़ 29 करोड़ गैर योजना की राशि है़ छह करोड़ 45 लाख रुपये आकस्मिक निधि में खर्च हुए़ इस राशि को भी समायोजित किया गया है़ श्री राय ने कहा कि अब तक बजट की 54 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है़ विकास योजनाओं में बेहतर खर्च किया जा रहा है़ वित्तीय प्रबंधन बेहतर है़
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