एकजुट होकर अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़े़ सामाजिक कार्यकर्ता शिवा कच्छप ने कहा कि यह जतरा त्याग, बलिदान, समर्पण व आत्मीयता का महापर्व है़ अपनी सभ्यता, संस्कृति, भाषा को सुरक्षित रखने की जरूरत है. इस अवसर पर बच्चों के लिए बूगी-वूगी कार्यक्रम का अयोजन किया गया. नागपुरी गीत-संगीत का रंगारंग कार्यक्रम भी हुआ. जतरा में हेहल, बजरा, पंडरा, कमड़े, अरगोड़ा, डिबडीह, हिंदपीढ़ी, लोवाडीह, मधुकम, जयपुर, चंदवे, भीठा, मिसिरगोंदा, बोड़ेया व अन्य गांवाें के खोड़हा शामिल हुए़ आयोजन को सफल बनाने में सती तिर्की, जीतू तिर्की, मंजू तिर्की, चिंटू तिर्की, गुड्डू तिर्की, विक्की तिर्की, गौतम कुजूर, बाबू टोप्पो, मुन्नी खलखो, रोहन तिर्की, दीपक खलखो, अमृत बांडो, सोनी तिर्की, गुड़िया तिर्की, कंचन तिर्की, रिती तिर्की, अनूप खलखो, सोनी खलखो, श्रवण तिर्की, आकाश तिर्की व हेसल सरना समिति के अन्य सदस्यों ने योगदान दिया़
जदुरा जतरा में पाहन ने की खुशहाली की प्रार्थना
रांची : हेसल के सरना धर्मावलंबी उमंग व उत्साह के साथ बड़ी संख्या में जदुरा जतरा में शामिल हुए़ गांव के पाहन सोमरा मुंडा ने विधि-विधान से पूजा करायी. रंगवा, माला व चरका मुर्गा अर्पित कर ईष्ट देव से गांव की व लोगों की खुशहाली की प्रार्थना की़. पइनभोरा, कोटवार आदि ने पूजा संपन्न कराने […]
रांची : हेसल के सरना धर्मावलंबी उमंग व उत्साह के साथ बड़ी संख्या में जदुरा जतरा में शामिल हुए़ गांव के पाहन सोमरा मुंडा ने विधि-विधान से पूजा करायी. रंगवा, माला व चरका मुर्गा अर्पित कर ईष्ट देव से गांव की व लोगों की खुशहाली की प्रार्थना की़.
पइनभोरा, कोटवार आदि ने पूजा संपन्न कराने में उन्हें सहयोग दिया़ दोपहर दो बजे से विभिन्न खोड़हा के लोग जतरा स्थल पहुंचने लगे थे. पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि युवा नशापान से दूर रहे़ं पढ़ाई और अपनी विरासत को सहेजने पर ध्यान दे़ं .
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