रांची : रिम्स में मॉडल लैब खोला जायेगा. इसमें अमेरिका और फ्रांस के डॉक्टर आर्थिक और तकनीकी सहयोग करेंगे. फ्रांस से डॉ एंटोनी पीडरसन ने सहयोग पर अपनी सहमति दे दी है. रिम्स प्रबंधन का कहना है कि एक दो दिन में अमेरिका के चिकित्सक भी अपनी सहमति दे देंगे. रिम्स प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका और फ्रांस के डॉक्टर सात व आठ फरवरी को रिम्स का भ्रमण करेंगे.
वे देखेंगे कि मॉडल लैब अस्पताल में किस जगह स्थापित किया जा सकता है. रिम्स प्रबंधन दोनों विदेशी डॉक्टरों की अगवानी में जुट गया है. रिम्स में मॉडल लैब स्थापित होने के बाद राज्य के अन्य 10 जिलों में भी मॉडल लैब स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा.
सेंट्रल लैब को मॉडल लैब बनाने का प्रस्ताव रखेगा रिम्स : रिम्स प्रबंधन अपने सेंट्रल लैब को मॉडल लैब के रूप में स्थापित करना चाहता है. इसका प्रस्ताव भी विदेशी डॉक्टरों के सामने रखा जायेगा. जानकारों की मानें तो मॉडल स्थापित होने से जांच की क्वालिटी पर प्रश्नचिह्न नहीं उठेगा.
हम रिम्स के सेंट्रल लैब को मॉडल लैब के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहे है. इसके लिए फ्रांस व अमेरिका के दो चिकित्सक हमें आर्थिक व तकनीकी दोनों रूप में मदर करेंगे. दोनों चिकित्सक सात व अाठ फरवरी को रिम्स का भ्रमण करने आ रहे हैं.
डॉ बीएल शेरवाल, निदेशक रिम्स