हृदय रोगियों को केंद्र ने दी बड़ी राहत, स्टेंट की अधिकतम कीमत 29,600, प्रभात खबर 2012 से उठा रहा था मुद्दा

रांची/नयी दिल्ली. वेलेंटाइन-डे के दिन दिल के लाखों मरीजों को राहत पहुंचाते हुए सरकार ने जीवन रक्षक कोरोनरी स्टेंट्स के दाम 85 % तक घटा दिये हैं. केवल धातु वाले स्टेंट्स का अधिकतम मूल्य 7,260 रुपये और ड्रग वाली किस्म का अधिकतम मूल्य 29,600 रुपये तय कर दिया गया है. रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची/नयी दिल्ली. वेलेंटाइन-डे के दिन दिल के लाखों मरीजों को राहत पहुंचाते हुए सरकार ने जीवन रक्षक कोरोनरी स्टेंट्स के दाम 85 % तक घटा दिये हैं. केवल धातु वाले स्टेंट्स का अधिकतम मूल्य 7,260 रुपये और ड्रग वाली किस्म का अधिकतम मूल्य 29,600 रुपये तय कर दिया गया है.

रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ‘बेर मेटल स्टेंट्स (बीएमएस) और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट्स (डीइएस) का दाम मूल्य वर्धित कर यानी वैट और दूसरे स्थानीय कर सहित कुल क्रमश: 7,623 रुपये और 31,080 रुपये से अधिक नहीं होगा. नये दाम तुरंत प्रभाव से लागू हो गये हैं.’ इससे पहले बीएमएस का अधिकतम मूल्य 45,000 और डीइएस का दाम 1.21 लाख तक था. सरकार ने कंपनियों से मौजूदा स्टॉक में रखे इन उत्पादों का अधिकतम मूल्य बदलने को कहा है.

कोरोनरी स्टेंट एक छोटे छल्ले की शक्ल का उपकरण होता है जिसे नसों के बीच में लगाया जाता है. इसके बाद रक्तप्रवाह आसानी से होने लगता है. यह नस को फुला कर रखता है, ताकि रक्तप्रवाह आसानी से होता रहे. मंत्री ने कहा कि स्टेंट के दाम की सीमा तय करने से इसके प्रति स्टेंट में 80,000 से लेकर 90,000 रुपये तक की बचत होगी. उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपने मौजूदा स्टॉक का दाम भी बदलना होगा.

प्रभात खबर 2012 से उठा रहा था मुद्दा
झारखंड के अस्पतालों में ह्दय रोगियों से स्टेंट के लिए मनमानी राशि वसूली जाती रही है. प्रभात खबर 2012 से ही इस मुद्दे को उठाता रहा है. पिछले साल 19 अगस्त को इससे संबंधित खबर प्रकाशित किये जाने के बाद राज्य औषधि निदेशालय ने जांच टीम गठित की थी. जांच में यह पाया गया था कि हृदय रोगियों को राज्य के अस्पताल लूट रहे हैं.
मेडिका ने 30,000 में लगाना शुरू किया स्टेंट : रांची में मेडिका अस्पताल ने 14 फरवरी से ही अपने मरीजों को 30 हजार में स्टेंट लगाना शुरू कर दिया. अस्पताल के वाइस चेयरमैन डॉ संजय कुमार ने बताया : अब सप्लायर से कम कीमत में अस्पताल को स्टेंट मिलेगा. सरकार आगे स्टेंट पर जो फैसला लेगी, हम उसका पालन करेंगे. कार्डियोलॉजी विंग के निदेशक डॉ दीपक गुप्ता ने कहा : स्टेंट के प्राइस कंट्रोल होने से मरीज को सबसे ज्यादा लाभ होगा. गरीब मरीज भी इलाज करा पायेंगे.
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