लोगों को दी नीलामी की चेतावनी

निगम ने ही नहीं कराया हाेल्डिंग लापरवाही : होल्डिंग के 1.17 लाख आवेदन, पर सरकारी विभागाें की रुचि नहीं रांची नगर निगम चेतावनी दे रहा है कि अगर तय समय सीमा के भीतर शहरवासियों ने नये सिरे से होल्डिंग नंबर के लिए आवेदन नहीं किया, तो उन्हें जुर्माना भरना होगा. संपत्ति नीलाम कर दी जायेगी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
निगम ने ही नहीं कराया हाेल्डिंग
लापरवाही : होल्डिंग के 1.17 लाख आवेदन, पर सरकारी विभागाें की रुचि नहीं
रांची नगर निगम चेतावनी दे रहा है कि अगर तय समय सीमा के भीतर शहरवासियों ने नये सिरे से होल्डिंग नंबर के लिए आवेदन नहीं किया, तो उन्हें जुर्माना भरना होगा. संपत्ति नीलाम कर दी जायेगी. पर सरकारी विभागों के अधिकारी अपने भवनों का होल्डिंग नंबर लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. खास बात यह है कि नगर निगम ने भी अपने भवन का हाेल्डिंग नहीं कराया.
रांची : नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली के तहत रांची नगर निगम ने शहर के हर मकान के लिए नये सिरे से होल्डिंग नंबर लेना अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए आठ नवंबर 2016 से ही शहर भर में कैंप लगा कर लोगों से होल्डिंग नंबर के लिए आवेदन लिये जा रहे हैं. अब तक 1.17 लाख से अधिक भवन मालिक आवेदन भी कर चुके हैं. लेकिन, सरकारी विभाग अपने भवनों का होल्डिंग नंबर लेने को लेकर अब भी उदासीन बने हुए हैं. खुद नगर निगम ने अपने भवन का अब तक असेसमेंट नहीं कराया है.
केवल राजधानी रांची में ही 1000 से अधिक बड़े सरकारी भवन और कार्यालय हैं. इन भवनों में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा अौर प्रोजेक्ट भवन से लेकर मंत्रियों-अधिकारियों के आवास तक शामिल हैं. इसके अलावा जिला प्रशासन के सभी भवन, एचइसी, सेल, मेकॉन, सीसीएल और सीएमपीडीआइ के कई कॉलोनी और कार्यालय भी सरकारी भवनों की श्रेणी में ही आते हैं. कुछ को छोड़ दें तो अब तक ज्यादातर सरकारी विभागों और कंपनियों ने होल्डिंग के लिए नगर निगम में आवेदन नहीं दिया है.
रांची नगर निगम के सहायक कार्यपालक पदाधिकारी रामकृष्ण कुमार ने एक माह पूर्व ही शहर के सभी सरकारी भवनों और विभागों को पत्र लिख कर नयी नियमावली के तहत होल्डिंग कराने का आग्रह किया था. लेकिन, किसी विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. जिन सरकारी भवनों ने अब तक नये होल्डिंग नंबर के लिए आवेदन दिया है, उनमें सूचना भवन, सरकारी आइटीआइ, इंडियन लैक रिसर्च इंस्टीट्यूट और आकाशवाणी शामिल हैं. वहीं, सीएमपीडीआइ ने निगम से आग्रह किया है कि वह किसी टैक्स कलेक्टर को भेजें, जो कार्यालय और कॉलोनी की मापी कर सके.
मंत्री से लेकर पार्षदों तक ने कराया होल्डिंग
लोगों को नये सिरे से होल्डिंग नंबर लेने के लिए जागरूक करने की खातिर नगर आयुक्त प्रशांत कुमार ने सबसे
पहले सभी 55 वार्डों के पार्षदों के घरों का होल्डिंग कराया. उसके बाद उप महापौर के आवास का होल्डिंग कराया गया. वहीं, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह भी रातू रोड स्थित साईं विहार कॉलोनी स्थित अपने घर का होल्डिंग करा चुके हैं.
निगम की विशेष बैठक आज पार्षद कर सकते हैं बहिष्कार
नगर निगम सभागार में सोमवार दिन के 11 बजे विशेष बैठक होगी. इसमें जल संकट, होर्डिंग और होल्डिंग टैक्स पर चरचा होगी. बैठक के लिए मेयर ने अधिकारियों और पार्षदों को पत्र लिखा है. वहीं, पार्षदों के गुट द्वारा इस बैठक का बहिष्कार किये जाने की आशंका है. उनका कहना है कि पांच माह से बोर्ड की बैठक हुई नहीं है. ऐसे में इस बैठक का कोई औचित्य नहीं है.
रांची. एचइसी के लीज क्वार्टरों में रहनेवाले लोगों की बैठक रविवार को गोलचक्कर मैदान में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होल्डिंग टैक्स के विरोध में दो मार्च को एचइसी मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जायेगा.
मौके पर हटिया कामगार यूनियन के अध्यक्ष लालदेव सिंह ने कहा कि एचइसी प्रबंधन ने सात फरवरी को रांची नगर निगम के आयुक्त को पत्र भेज कर एलटीएल पर दिये गये 6,793 क्वार्टरों से होल्डिंग टैक्स लेने की बात कही है. वहीं नगर निगम ने 20 फरवरी को इन क्वार्टरों में रहनेवाले लोगों से होल्डिंग टैक्स लेने को लेकर सूचना जारी किया है. श्री सिंह ने कहा कि लीज क्वार्टरों की नियमावली में कहीं भी होल्डिंग टैक्स का जिक्र नहीं है. लीज क्वार्टरों का मालिकाना हक एचइसी प्रबंधन के पास है, इसलिए जब तक लीज क्वार्टरों का मालिकाना हक प्रबंधन के पास है, होल्डिंग टैक्स प्रबंधन को ही भुगतान करना चाहिए.
अब जबकि प्रबंधन होल्डिंग टैक्स लीजधारियों को देने के लिये बाध्य कर रहा है, तो उसे मालिकाना हक लीजधारियों को देना चाहिए. अगर प्रबंधन ने इस पर जल्द निर्णय लिया, तो दो मार्च की सुबह 10 बजे से एचइसी मुख्यालय के समक्ष धरना दिया जायेगा. बैठक में केशव कुशवाहा, आरएन प्रसाद, अशोक सिंह, सीपी सिंह, भानू चौधरी, कामता प्रसाद, सीपी सिंह, काशी पंडित, आरके सिंह, हरि नारायण पंडित, राघो प्रसाद, पारसनाथ सिंह, लखन महतो, मंगल शर्मा, केशव कुशवाहा, एसके ओझा, एके सिंह आदि उपस्थित थे.
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