धनबाद में हो रेलवे का क्षेत्रीय कार्यालय : रवींद्र

लोकसभा में रेल संबंधी अनुदान मांगों पर चर्चा में सांसद ने रखी कई मांगें कहा : झारखंड से नहीं रहा कोई रेल मंत्री, इसलिए होती रही राज्य की उपेक्षा रांची : कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय ने बुधवार को लोकसभा में रेल संबंधी अनुदान मांगों पर बोलते हुए पूरे झारखंड व विशेष तौर से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
लोकसभा में रेल संबंधी अनुदान मांगों पर चर्चा में सांसद ने रखी कई मांगें
कहा : झारखंड से नहीं रहा कोई रेल मंत्री, इसलिए होती रही राज्य की उपेक्षा
रांची : कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय ने बुधवार को लोकसभा में रेल संबंधी अनुदान मांगों पर बोलते हुए पूरे झारखंड व विशेष तौर से अपने संसदीय क्षेत्र की मांगें उठायी. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य रेलवे की पांच मंडलों से जुड़ा है, जिसमें दो झारखंड राज्य में स्थिति हैं. इसलिए धनबाद में रेलवे का क्षेत्रीय कार्यालय बनाया जाये.
सांसद ने बताया कि पूर्व में धनबाद का चयन क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में हुआ था, लेकिन बाद में उसको हाजीपुर कर दिया गया था. चूंकि झारखंड से आज तक कोई रेल मंत्री नहीं रहा है, इसलिए झारखंड राज्य की उपेक्षा होती आयी है. झारखंड देश में राजस्व देने वाला तीसरा राज्य है. राजधानी गाड़ियों में जो फलैक्सी फेयर का सिस्टम किया गया है, उसको सरकार वापस लेने पर पुनर्विचार करे. डॉ राय ने कहा पूर्व में रेल बजट एक सस्ती लोकप्रियता का माध्यम था. इस बार बजट को व्यावहारिक नजरिये से बदला गया है और जनहित में मांगों की दृष्टि से संतुलित किया गया है. समग्र विकास की व्यवस्था की गयी है.
उन्होंने अनुदान मांगो पर चर्चा के दौरान धनबाद व रांची को मेन लाइन व ग्रेन कोड लाइन से जोड़ने की मांग की. साथ ही मधुपुर से धनबाद वाया गिरिडीह- गांडेय नयी रेलवे लाइन की स्वीकृति प्रदान करने, कोडरमा, हजारीबाग रोड अौर पारसनाथ को आदर्श रेलवे स्टेशन बनाने, पारसनाथ, मधुबन, गिरिडीह नयी रेलवे लाइन, धनबाद से दिल्ली के लिए गरीब चलाने समेत कई मांगें रखी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >