आइजी प्रोविजन ने वायरलेस एसपी को लिखा पत्र, 337 रेडियो ऑपरेटर का पद कम करने का आदेश

रांची: पुलिस मुख्यालय ने वायरलेस विभाग के 337 रेडियो ऑपरेटर के पदों को कम करने का आदेश जारी कर दिया है. 21 मार्च को आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह ने वायरलेस एसपी को लिखे पत्र में यह आदेश दिया है. आइजी ने एसपी से कहा है कि पुलिसकर्मियों के कुल 6248 पदों को सरेंडर करना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची: पुलिस मुख्यालय ने वायरलेस विभाग के 337 रेडियो ऑपरेटर के पदों को कम करने का आदेश जारी कर दिया है. 21 मार्च को आइजी प्रोविजन अरुण कुमार सिंह ने वायरलेस एसपी को लिखे पत्र में यह आदेश दिया है. आइजी ने एसपी से कहा है कि पुलिसकर्मियों के कुल 6248 पदों को सरेंडर करना है. पुलिस मुख्यालय ने फैसला लिया है कि वायरलेस संवर्ग के 200 पद को सरेंडर किया जाये.
जानकारी के मुताबिक 137 पद पहले ही सरेंडर किया गया था. तब आरके मल्लिक आइजी कार्मिक थे. उन्होंने इंवेस्टीगेशन ट्रेनिंग स्कूल के लिए 137 पद सरेंडर करने का आदेश जारी किया था. इस तरह पिछले डेढ़-दो साल में पुलिस मुख्यालय ने वायरलेस विभाग के रेडियो ऑपरेटर के 337 पदों को सरेंडर करने का आदेश जारी किया है. उल्लेखनीय है कि वायरलेस विभाग में रेडियो ऑपरेटर के 1032 पद स्वीकृत हैं. लंबे समय से इस पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय ने शुरू ही नहीं की. अब जब 892 पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गयी, तो और 200 पद सरेंडर करने का आदेश जारी हो गया है. आइजी प्रोविजन ने मंगलवार को जारी आदेश में यह भी कहा है कि सिर्फ 692 पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा दो दिन के भीतर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करायें.
बैठक में नहीं थे वायरलेस के डीआइजी-एसपी : जिस बैठकों में वायरलेस के पदों को सरेंडर करने का निर्णय लिया गया है, उसमें वायरलेस विभाग के डीआइजी या एसपी की उपस्थिति नहीं थी. इस कारण वह वायरलेस विभाग का पक्ष भी नहीं रख सके. बैठक के बाद 20 मार्च को आइजी प्रोविजन के द्वारा वायरलेस एसपी को बुला कर कहा गया कि 200 पदों को सरेंडर कर दें.
एसोसिएशन ने जताया विरोध :
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के वायरलेस शाखा के अध्यक्ष विजय महतो और सचिव सुरेंद्र राय ने पुलिस मुख्यालय द्वारा 337 पदों के सरेंडर करने के फैसला का विरोध किया है. दोनों ने एक ज्ञापन डीआइजी वायरलेस को दिया है. जिसमें कहा है कि वायरलेस विभाग क्लोज कैडर है. पुलिस विभाग में अफसरों का पद बढ़ाने का लाभ वायरलेस विभाग को नहीं मिला है. इसलिए इस विभाग से पदों को सरेंडर नहीं किया जाये. दोनों पदाधिकारियों ने संदेह व्यक्त किया है कि पुलिस मुख्यालय इस विभाग को खत्म करना चाहता है. 1032 में से 337 पदों को सरेंडर करने से विभाग में दिक्कत होगी.
किस विभाग में कितने पद की जरूरत है, कितना पद होना चाहिए, इसका फैसला पुलिस मुख्यालय करता है. फैसला विचार-विमर्श के बाद लिया गया है. वायरलेस विभाग क्लोज कैडर जरूर है, लेकिन पुलिस विभाग में ही है.
आरके मल्लिक, वरीय पुलिस प्रवक्ता सह एडीजी अभियान, पुलिस मुख्यालय
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