प्रकृति को बचाने में दें योगदान: पद्मश्री सिमोन

प्रकृति पर्व. पिस्का मोड़ में आदिवासी सेना व हेसल सरना समिति का सरहुल मिलन समारोह रांची : पद्मश्री सिमोन उरांव ने कहा कि प्रकृति के असंतुलित दोहन के कारण जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. सरहुल पर्व में हम प्रकृति की पूजा करते हैं व इसके संवर्धन की कामना करते […]

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प्रकृति पर्व. पिस्का मोड़ में आदिवासी सेना व हेसल सरना समिति का सरहुल मिलन समारोह
रांची : पद्मश्री सिमोन उरांव ने कहा कि प्रकृति के असंतुलित दोहन के कारण जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. सरहुल पर्व में हम प्रकृति की पूजा करते हैं व इसके संवर्धन की कामना करते हैं. हमारा दायित्व है कि हम इसे बचाने में अपना योगदान दे़
वह आदिवासी सेना व हेसल सरना समिति की ओर से स्वर्गीय कार्तिक उरांव चौक, सत्यारी सरना स्थल, पिस्कामोड़ में आयोजित सरहुल मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे़ कार्यक्रम की शुरुआत अन्नादी प्रार्थना के साथ हुई़
पेड़-पौधे बचेंगे, तभी हम बचेंगे: इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि प्रकृति को बचाये रखने के लिए सरहुल जैसे त्योहार की जरूरत है़ कुदरत के अनमोल उपहार को बचाना सबकी जिम्मेवारी है़ पेड़, पौधे, जंगल और नदी बचेंगे, तभी हम भी बचेंगे़ आदिवासी सेना के कार्यकारी अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरहुल आदिवासी समाज की पहचान है़ हमारा सम्मान व संस्कृति का प्रतीक है़ यह प्रकृति पर्व हमें एकता व प्रकृति प्रेम का संदेश देता है़
समारोह में युवाओं ने अपनी संस्कृति व परंपराओं की सुंदर झलक दिखायी़ पारंपरिक वेशभूषा में गीत व नृत्य प्रस्तुत किये़ कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, सती तिर्की, जीतू तिर्की, चिंटू तिर्की, मंजू तिर्की, विजय मुंडा, दीपक खलखो, सोनी तिर्की, पूनम तिर्की, गौतम कुजूर, बाबू टोप्पो, मुखिया सुनील कच्छप, प्रकाश उरांव, दिवा उरांव, गुड्डू तिर्की, विक्की तिर्की, कार्तिक लोहरा, बिरसु तिर्की, मुखिया अजय कच्छप, चिलगू कच्छप व अन्य मौजूद थे़
रांची : पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदिवासियों के समक्ष गंभीर चुनौतियां है़ इस पर मंथन करते हुए मार्ग तलाशने की जरूरत है़ घर की छत की मरम्मत यदि बरसात से पहले नहीं करते हैं, तो टूटी छत से आने वाला पानी घर के अंदर की सारी वस्तुएं बरबाद कर देता है़ वे रविवार को उनके आवास में आयोजित भारत मुंडा समाज के सरहुल मिलन समारोह में बोल रहे थे़
उन्होंने कहा कि पारंपरिक त्योहार सभी आदिवासियों को जोड़ते है़ं जो इनसे दूर हो रहे हैं, उन्हें इनसे फिर से जुड़ना चाहिए़ अपनी संस्कृति को लेकर ही विकास का रास्ता तय करना है़
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव, विधायक गंगोत्री कुजूर, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, रामकुमार पाहन, विमला प्रधान, पूर्व विधायक कोचे मुंडा, मेयर आशा लकड़ा, हरिकृष्ण सिंह, लक्ष्मण टुडू, भारत मुंडा समाज के अध्यक्ष प्रेम सागर मुंडा, महासचिव बृजेंद्र हेमरोम, वीरेंद्र कुमार सोय, डॉ रामदयाल मुंडा की धर्मपत्नी अमिता मुंडा, मीरा मुंडा समेत कई लोग मौजूद थे.
सोना लेका दिशुम लिपि..
अखड़ा में ‘सोना लेका दिशुम लिपि..’, ‘दिशुम बई ता रे मुंडा..’, ‘सरजोम बा लेसे लेसे रे.., एलारे सारजोम बा..’ व अन्य गीतों पर देर शाम तक पारंपरिक नृत्य की धूम रही़ इससे पूर्व सुबह को पाहन प्रेमानंद सिंह मुंडा व मड़की मुंडा ने पूजा संपन्न करायी़ शाम को झारखंड, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ से आये मुंडा समाज के प्रमुख लोगों व पाहनों को सम्मानित किया गया़
टुनकी टोला में सरहुल चैत जतरा मिलन समारोह
रांची. टुनकी टोला, कोकर में सरना महिला विकास समिति व केंद्रीय युवा सरना समिति की ओर से सरहुल चैत जतरा मिलन समारोह का आयोजन हुआ. सुकरा पाहन द्वारा पूजा संपन्न कराने के बाद लापुंग, सिल्ली व अन्य स्थानों से आये दलों ने पारंपरिक गीतों व नृत्य की छटा बिखेरी़ इस अवसर पर जगन्नाथ तिर्की, संजय तिर्की, मीना तिर्की, सोनामती कच्छप, अमृत कच्छप, अमित पन्ना, राहुल मिंज, समीर तिर्की, बिट्टू गाड़ी, कमल कच्छप, किरण तिर्की, जीतन लकड़ा महावीर लकड़ा, प्रो रामकिशोर भगत, कृष्णकांत टोप्पो, राहुल तिर्की, रोहित कच्छप, गुलशन गाड़ी, समीर टोप्पो, सचिन टोप्पो, संदीप लिंडा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे़
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