अवैध काम में शामिल जेलकर्मी होंगे चिह्नित

रांची : मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने जेलों में बंदियों की अवैध गतिविधियों में शामिल जेलकर्मियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने संबंधित अफसरों से कहा है कि उन्हें चिह्नित कर सूची कारा निरीक्षणालय को दें. वहीं कारा निरीक्षणालय को इस मामले में कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने जेलों में बंदियों की अवैध गतिविधियों में शामिल जेलकर्मियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने संबंधित अफसरों से कहा है कि उन्हें चिह्नित कर सूची कारा निरीक्षणालय को दें. वहीं कारा निरीक्षणालय को इस मामले में कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव ने कहा है कि बंदियों द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है. मादक पदार्थों के उपयोग की बातें सामने आ रही हैं. इतना ही नहीं जेलों में बंदियों से वसूली के मामले भी आ रहे हैं.

इन सारे मामले को मुख्य सचिव ने गंभीरता से लिया है. साथ ही जेलकर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है. हाल ही में कारा निरीक्षणालय की समीक्षा के बाद मुख्य सचिव ने गृह विभाग के प्रधान सचिव सहित पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा व सीआइडी के अपर पुलिस महानिदेशक व कारा महानिरीक्षक को जेलों में सुधार संबंधी कई निर्देश दिये हैं.
सभी जेलों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे हों
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जेलों में जांच करा कर पूरे परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी लगाने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने कोर्ट हाजत व परिसर में भी पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है. वहीं गृह विभाग को इसके लिए आवंटन उपलब्ध कराने को कहा है. मुख्य सचिव ने कहा कि सरायकेला, लातेहार, सिमडेगा व गुमला में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की पेशी हो रही है. ऐसे में शेष जिलों में भी समय सीमा के अंदर बंदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराने को कहा है. श्रीमती वर्मा ने राज्य के विभिन्न जेलों में बंद सजायाफ्ता बंदियों को केंद्रीय काराअों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है. यह काम समय सीमा के अंदर करने को कहा गया है.

उन्होंने स्पष्ट किया है कि दुर्दांत अपराधियों की श्रेणी में आनेवाले अपराधियों का ट्रायल वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही किया जाये. इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव गृह विभाग को भेजने का निर्देश दिया है. ए श्रेणी के बंदियों का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थापन व ट्रायल भी सुनिश्चित करने को कहा है.
जमानत पर रिहा होनेवाले बंदियों पर नजर रखें
मुख्य सचिव ने विशेष शाखा व सीआइडी के अफसरों से कहा है कि समर्पण या जमानत पर रिहा होनेवाले कैदियों के साथ-साथ कैदियों से मिलने के लिए आनेवाले लोगों पर पूरी तरह नजर रखें. उनके बारे में सूचना सीआइडी के साथ शेयर करें. जेलों की सुरक्षा के लिए एक एसअोपी का निर्माण विशेष शाखा के साथ मिल कर करें. इसके लिए डीसी व एसपी की संयुक्त जिम्मेवारी तय की जाये.
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