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सीएनटी-एसपीटी : एक्ट कैसा हो, अपने विधायक को बतायें

राज्यपाल ने खड़िया बुद्धिजीवियों से कहा रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने गुरुवार को राजभवन में खड़िया समाज के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की. बुद्धिजीवियों ने सरकार द्वारा सीएनटी/एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन को निरस्त करने की मांग की. इस पर राज्यपाल ने कहा कि सीएनटी/एसपीटी एक्ट में क्या संशोधन होना चाहिए आैर क्या […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 26, 2017 7:08 AM
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राज्यपाल ने खड़िया बुद्धिजीवियों से कहा
रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुरमू ने गुरुवार को राजभवन में खड़िया समाज के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की. बुद्धिजीवियों ने सरकार द्वारा सीएनटी/एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन को निरस्त करने की मांग की.
इस पर राज्यपाल ने कहा कि सीएनटी/एसपीटी एक्ट में क्या संशोधन होना चाहिए आैर क्या नहीं, इसे लोग अपने विधायक को बतायें. सरकार लोगों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के लिए काम कर रही है.
ऐसे में बुद्धिजीवियों का कर्तव्य है कि वे समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए गंभीर हों. बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि खड़िया समाज के लोग मुख्यत: गुमला एवं सिमडेगा जिले में हैं, जहां पलायन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रमुख समस्या है. राज्यपाल ने कहा कि सभी को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिले. पात्रता रखनेवालों को अगर योजना का लाभ नहीं मिलता है, तो इसकी शिकायत अवश्य करें. लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य की अहमियत बतायें. लोगों ने आवासीय, जाति प्रमाण-पत्र और भूमि-निबंधन से संबंधित समस्याएं भी रखीं. साथ ही शिक्षा के स्तर में सुधारने, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए मध्याह्न भोजन योजना के साथ अन्य उपायों की ओर ध्यान देने की जरूरत बतायी.
जनजातीय भाषा अकादमी की मांग
बुद्धिजीवियों ने जनजातीय भाषा अकादमी का गठन, जनजातीय भाषा की पढ़ाई और आदिम जनजातीय भाषा के संरक्षण की मांग उठायी. कहा कि राजस्व पर्षद द्वारा आयोजित प्रोन्नति परीक्षा में खड़िया भाषा सम्मिलित नहीं है. मजबूरन खड़िया समुदाय के लोगों को मुंडारी समेत अन्य भाषाओं का चयन करना पड़ता है. बैठक में जल संकट, विद्यालयों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत बतायी गयी.

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