11.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Ranchi News: कुवैत से रांची पहुंचे अली हुसैन डोरंडा कब्रिस्तान में हुए सुपुर्द-ए-खाक, डीसी ने सौंपा 5 लाख का चेक

रांची के अली हुसैन की कुवैत की बहुमंजिली इमारत में जलकर मौत हो गई थी. उनका शव आज रांची पहुंचा. भाई के पहुंचने के बाद डोरंडा कब्रिस्तान में मिट्टी दी गई.

Ranchi News|रांची, राजकुमार : रांची के हिंदपीढ़ी निजाम नगर मक्का मस्जिद के समीप रहने वाले अली हुसैन (25 वर्ष) का शव शनिवार (15 जून) को रांची पहुंचा. सुबह 9:20 बजे इंडिगो के विमान से अली हुसैन का शव पहुंचा और करीब 12 बजे उन्हें डोरंडा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. उनके जनाजे में काफी संख्या में लोग पहुंचे थे.

रांची में एयरपोर्ट पर डीसी ने परिजनों को सौंपा 5 लाख का चेक

अली हुसैन के परिजन पहले से एयरपोर्ट पर उसके शव के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे. श्रम विभाग के अधिकारी भी वहां मौजूद थे. अली के परिजनों ने बताया कि उनके भाई आदिल हुसैन भी मक्का से लौट आए. उनके रांची पहुंचने के बाद अली को डोरंडा कब्रिस्तान में मिट्टी दी गई. इससे पहले रांची एयरपोर्ट पर उपायुक्त राहुल सिन्हा ने अली के परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा.

प्रवासी नियंत्रण कक्ष के जरिए रांची मंगवाया गया अली का शव

झारखंड के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर राजेश प्रसाद ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर प्रभात खबर से खास बातचीत में कहा कि रांची के अली हसन काम करने के लिए कुवैत गए थे. विदेश मंत्रालय से हमें सूचना मिली कि कुवैत में उनकी मौत हो गई है. राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के जरिए इनके शव को रांची मंगवाया गया. शव को परिवार को सौंप दिया गया है. राज्य सरकार की ओर से परिवार को 5 लाख रुपए की मदद दी गई.

इंडिगो के विमान से रांची लौट रहे हैं अली हुसैन का भाई

अली हुसैन का शव शुक्रवार (14 जून) को ही नई दिल्ली से रांची लाया जाना था, लेकिन कोच्चि से दिल्ली आने में विलंब की वजह से बॉडी को रांची नहीं लाया जा सका. शुक्रवार को ही वायुसेना के विशेष विमान से कुवैत से 45 भारतीयों के शव कोच्चि पहुंचे थे. यहां से शवों को नई दिल्ली लाया गया और वहां से सभी शवों को उनके गृहनगर भेज दिया गया.

डोरंडा कब्रिस्तान में अली हुसैन को दी गई मिट्टी

अली हुसैन का शव रांची पहुंचने के बाद करीब 12 बजे डोरंडा कब्रिस्तान में उन्हें मिट्टी दी गई. मालूम हो कि बीते दिनों कुवैत की एक बहुमंजिली इमारत में आग लगने से वे इसकी चपेट में आ गये थे. परिजनों ने कहा कि शनिवार की सुबह अली के बड़े भाई आदिल हुसैन भी रांची पहुंचे. आदिल मक्का से लौटे. वह शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गए थे, लेकिन विमान नहीं मिलने के कारण वह शनिवार को रांची पहुंचे.

Ali Hussain Ranchi Jharkhand Kuwait Fire
मोबाइल फोन में बेटे की तस्वीर दिखाते अली हुसैन के पिता. फोटो : प्रभात खबर

शव आने का इंतजार करते रहे परिजन

अली हुसैन के परिजन शुक्रवार को दिन भर उनके शव के आने का इंतजार करते रहे. उन्हें उम्मीद थी कि शाम को उनका शव यहां पहुंच जायेगा. उधर, मृतक अली हुसैन के घर में दिन भर मोहल्ले के लोगों के अलावा उनके परिचितों का आना-जाना लगा रहा. घर आनेवाले लोग अली हुसैन के पिता मुबारक हुसैन को ढाढ़स बंधा रहे थे. मुबारक हुसैन की बहू बाजार के समीप पंक्चर बनाने की दुकान है.

5 लाख की आर्थिक सहायता देगी सरकार : चंपाई सोरेन

इससे पहले मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने अली हुसैन के परिजन को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि कुवैत की एक इमारत में आग लगने की घटना में झारखंड के एक नागरिक की मृत्यु की सूचना मिली है. स्थानिक आयुक्त, नयी दिल्ली को कुवैत दूतावास से संपर्क कर पार्थिव शरीर लाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. मृतक के निकटतम आश्रित को झारखंड सरकार द्वारा 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. ईश्वर से प्रार्थना है कि वह शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.

इसे भी पढ़ें

झारखंड : कुवैत अग्निकांड में हिंदपीढ़ी के अली हुसैन की मौत, आज दिल्ली से रांची आएगा शव

Kuwait fire: 45 भारतीयों के शव लेकर कोच्चि पहुंचा एयरफोर्स का विमान

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel