बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी अनुसूचित एसटी मोर्चा के कार्यकर्ताओं को दिया टास्क, बोले- कमल खिलाने का ले संकल्प

झारखंड प्रदेश बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा की विशेष बैठक में शामिल होते हुए प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मोर्चा के टास्क देते हुए कहा कि राज्य के सभी जनजाति आरक्षित सीट पर कमल खिलाने का संकल्प लेने की अपील की. वहीं, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा.

By Samir Ranjan | July 23, 2023 8:24 PM

Jharkhand News: झारखंड प्रदेश बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा की विशेष बैठक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर उरांव की अध्यक्षता में संपन्न हुई. इस बैठक में झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शिरकत करते हुए मोर्चा कार्यकर्ता को टास्क देते हुए कहा कि मोर्चा अपने संगठन को मजबूत करे. साथ ही कहा कि झारखंड के सभी जनजाति आरक्षित सीट पर कमल खिलाने का संकल्प लें.

देश एवं राज्य में बीजेपी सरकार बनाने का काम करें कार्यकर्ता

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड प्रदेश में जनजाति समाज आठ लोकसभा एवं 40 विधानसभा क्षेत्र में निवास करते हैं. मोर्चा कार्यकर्ता इन सभी क्षेत्रों में काम करें. देश एवं राज्य में बीजेपी सरकार बनाने का काम करें. कहा कि आज राज्य सरकार आदिवासियों पर हो रहे शोषण, अत्याचार, दुष्कर्म जैसे मुद्दों को दरकिनार कर रही है. वहीं, मुद्दों को भटकाने के लिए बीजेपी शाषित प्रदेशों को बदनाम करने का प्रयास कर रही है. इस बार आगामी चुनाव में हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकना है.

अगस्त से दिसंबर महीने तक राज्य के सभी जिलों में चलेगा सघन कार्यक्रम

बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद समीर उरांव ने मोर्चा के आगामी कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगस्त से दिसंबर महीने पूरे झारखंड प्रदेश के सभी जिलों में सघन कार्यक्रम चलाए. सभी जिलों में प्रभारी नियुक्त करें एवं संगठन को मजबूत करें.

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हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं

राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार औा आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर बोलते हुए राष्ट्रीय मंत्री आशा लकड़ा ने कहा कि हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं हैं. अगर अमन-चैन लाना है, तो बीजेपी की सरकार केंद्र एवं राज्य दोनों में लाना होगा. साथ ही हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.

बूथ जीते तो चुनाव जीते फार्मूला पर चलने का निर्देश

कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र जी ने कहा कि प्रदेश से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें एवं कार्यकर्ता जिलों समेत मंडलों में प्रवास करें. वहीं, संगठन महामंत्री कर्मवीर कहा कि बूथ मजबूती पर विशेष जोर देने की जरूरत है. साथ ही बूथ जीते तो चुनाव जीते फार्मूला पर चलने का निर्देश दिया. बैठक में उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर, अवधेश सिंह चेरो, ताला मरांडी, मेनका सरदार, राजेंद्र मुंडा, लक्ष्मण टुडू, अरुण उरांव, जेबी तुबिद, बडकुंवार गगराई, जयप्रकाश भोक्ता, रवि मुंडा, अन्नू लकड़ा सहित सभी जिले के मोर्चा अध्यक्ष, महामंत्री उपस्थित थे. संचालन प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश उपाध्यक्ष सुकमणि हेंब्रम ने किया.

प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा. कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई तमाम योजनाएं फिसड्डी साबित हुई है. अब सरकार ने तामझाम से सारथी योजना के तहत बिरसा योजना की शुरुआत कर युवाओं को रोजगार देने और हुनरमंद बनाने की घोषणा की है. जनता भी जानते हैं कि हवा हवाई सरकार की सारी घोषणा हवा हवाई ही होती हैं.

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पेट्रोल सब्सिडी योजना टांय टांय फिस्स हो रही साबित

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि लाखों राशन कार्ड धारियों को प्रति लीटर पेट्रोल में 25 सब्सिडी की योजना टांय टांय फिस्स हो गई. इस योजना का लाभ ले सकने वाले लाभुकों में वर्तमान में एक प्रतिशत से भी कम इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जबकि सरकार ने बड़े तामझाम से इस योजना की शुरुआत की थी.

राज्य के बेरोजगारों को नहीं मिल रहा बेरोजगारी भत्ता

प्रतुल ने कहा कि सरकार ने सभी बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता के रूप में पांच एवं सात हजार रुपये मासिक देने की घोषणा की थी. इसका भी पैसा कल्याण विभाग हर साल सरेंडर कर रहा है. किसी को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला. कहा कि हेमंत सरकार सिर्फ हवा हवाई घोषणा कर रही है.

प्रवासी मजदूरों को नहीं मिला रोजगार

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोराना काल के समय लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को झारखंड में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल की स्थापना की थी. वादा किया था कि एक भी प्रवासी मजदूर को लौटना नहीं पड़ेगा और उन्हें झारखंड में रोजगार उपलब्ध होगा. हकीकत है कि इस पोर्टल के माध्यम से आज तक एक भी व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध नहीं हुआ. सारे मजदूर वापस लौट गये. गरीबों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा का हश्र भी सबको पता है. इसके अतिरिक्त तामझाम से शुरू हुई इस सरकार की सारी घोषणाओं का भी हवा हवाई हश्र हुआ है.

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