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विधानसभा में सत्ता पक्ष के हंगामे की बाउरी ने की आलोचना, स्पीकर बोले- सदन में आसन पर फेंके गए हैं टमाटर-अंडे

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के हंगामे पर अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पहली बार राज्यपाल के भाषण का सत्ता पक्ष ने ही विरोध किया. इस पर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने अमर बाउरी से कहा कि आपको पता होगा कि झारखंड विधानसभा में स्पीकर के ऊपर टमाटर और अंडे फेंके गए हैं.

By Mithilesh Jha | February 5, 2024 5:57 PM

हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद विश्वासमत हासिल करने के लिए आहूत झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष के लोगों ने ही राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण के अभिभाषण में व्यवधान उत्पन्न किए. इसके बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने भाषण में इसका जिक्र किया. कहा कि हम चिल्लाते रहे, राज्यपाल 32 पेज का अभिभाषण पढ़ते रहे. अभिभाषण पढ़ने से क्या होता है, जब लोकतंत्र ही खतरे में है.

बाउरी से बोले स्पीकर- अध्यक्ष पर फेंके गए हैं टमाटर-अंडे

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के हंगामे पर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा कि शायद यह पहला मौका होगा, जब राज्यपाल के भाषण का सत्ता पक्ष के लोगों ने विरोध किया. इस पर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने अमर बाउरी से कहा कि आपको पता होगा कि झारखंड विधानसभा में स्पीकर के ऊपर टमाटर और अंडे फेंके गए.

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अमर बाउरी बोले- विपक्ष ने फेंका होगा, सत्ता पक्ष ने नहीं

इस पर अमर बाउरी ने जवाब दिया कि वो विपक्ष ने फेंके होंगे. सरकार चलाने वाली पार्टी ने कभी ऐसा नहीं किया. इस पर स्पीकर ने कहा कि मैं आपकी जानकारी के लिए बोल रहा हूं. फिर अमर बाउरी ने कहा कि ऐसा विपक्ष की ओर से किया गया होगा, लेकिन आज सत्ता पक्ष के लोगों ने जिस तरह से राज्यपाल के अभिभाषण पर हंगामा किया, ऐसा कभी नहीं हुआ.

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सीएमओ का अभिभाषण पढ़ रहे थे राज्यपाल, पीएमओ का नहीं

सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि राज्यपाल केंद्र सरकार का अभिभाषण नहीं पढ़ रहे थे. विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण मुख्यमंत्री कार्यालय से लिखकर आता है, प्रधानमंत्री कार्यालय से नहीं. सरकार की ओर से राज्यपाल को भेजे गए अभिभाषण पर जिस तरह से सदन में हंगामा हुआ, उससे यह स्पष्ट हो गया कि इस सरकार पर उसके अपने ही विधायकों को भरोसा नहीं है. उन्होंने अपनी ही सरकार की उपलब्धियों का विरोध किया.

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