ED Action in Jharkhand: ईडी ने पूछताछ के बाद जमीन घोटाला मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी अभियुक्तों को आज कोर्ट में पेश किया जायेगा. गिरफ्तार अभियुक्तों में एक सर्किल इंस्पेक्टर भी शामिल हैं. जमीन घोटाला केस में गिरफ्तार 7 लोगों में सीआई भानु प्रताप प्रसाद, फर्जी कागजात तैयार करने वाले अफसर अली, सद्दाम, इम्तियाज अहमद, तल्हा खान, प्रदीप बागची और फैयाज खान शामिल हैं.
मालूम हो कि ईडी ने गुरुवार को सरकारी जमीन की हेराफेरी के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप में रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन, बड़गाईं के सीओ मनोज कुमार, सीआई भानु प्रताप, अमीन सुजीत कुमार सहित जमीन कारोबार से जुड़े फैयाज खान, इम्तियाज अहमद, अफसर अंसारी, लखन सिंह, तबरेज अख्तर सहित 18 लोगों के ठिकानों पर छापा मारा. ईडी ने सेना की जमीन की हेराफेरी करनेवाले चंदन बागची के आसनसोल स्थित ठिकाने पर छापा मारा.
छापामारी के दायरे में झारखंड के 18, बिहार के एक और पश्चिम बंगाल के दो ठिकानों को शामिल किया गया. छवि रंजन फिलहाल समाज कल्याण निदेशक के पद पर पदस्थापित हैं. छापेमारी के दौरान छवि रंजन से उनके आवास पर ही ईडी ने पूछताछ की. घंटों पूछताछ के बाद शाम आठ बजे उन्हें छोड़ा गया. अब ईडी उन्हें बुला कर पूछताछ करेगी.
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बता दें कि छापामारी के दौरान सीआई के घर से कई सरकारी दस्तावेज मिले हैं. मिले दस्तावेजों की जांच पर ईडी ने अनुमान लगाया है कि जमीन कारोबारियों द्वारा अफसरों की मदद से जालसाजी कर आमलोगों की जमीन बेच दी गई है.
ईडी द्वारा जारी जांच के दौरान सेना की जमीन की हेराफेरी के मामले में सीओ मनोज कुमार और उपायुक्त छवि रंजन की महत्वपूर्ण भूमिका पायी गयी है. मनोज कुमार ने उपायुक्त को एक पत्र भेजा था. इसमें इसका उल्लेख किया गया था कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री की जा सकती है. अंचल अधिकारी के इस पत्र को उपायुक्त के स्तर से सब-रजिस्ट्रार को भेजा गया था. इसके बाद ही इस जमीन की रजिस्ट्री हुई थी. ईडी ने जमीन की खरीद-बिक्री के लिए तैयार किये गये दस्तावेज और रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर लिया है.