17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

डिजिटल लैंड रिकॉर्ड तैयार करने में बिहार से बेहतर झारखंड और पश्चिम बंगाल

Digital Land Record तैयार करने में मध्य प्रदेश अव्वल, बिहार से बेहतर झारखंड और पश्चिम बंगाल

रांची/नयी दिल्ली : आर्थिक शोध संस्थान एनसीएइआर ने कहा है कि डिजिटल लैंड रिकॉर्ड तैयार करने और उनकी गुणवत्ता के मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल बिहार से बेहतर हैं. इस मामले में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है. उसके बाद क्रमश: ओड़िशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु का स्थान है.

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकॉनोमिक रिसर्च (NCAER) ने लैंड रिकॉर्ड और सेवा सूचकांक (N-LRSI 2020) जारी करते हुए कहा कि आंकड़ों से देश में भूमि से जुड़ी प्रशासन व्यवस्था बेहतर होगी. सूचकांक में 60 से 75 अंक हासिल कर मध्यप्रदेश, ओड़िशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु पांच बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हैं.

पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और उत्तर प्रदेश 50 से 60 अंक की श्रेणी में हैं. जो राज्य पिछड़े हैं, उसमें लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, चंडीगढ़, केरल, असम, मणिपुर, दिल्ली और बिहार शामिल हैं. NCAER ने एक बयान में कहा, ‘विभिन्न राज्यों ने पिछले कुछ साल में भूमि रिकॉर्ड डिजिटल रूप से तैयार करने के मामले में उल्लेखनीय काम किया है. ये रिकॉर्ड नागरिकों के लिए उपलब्ध होंगे.’

N-LRSI का मकसद इस मामले में हुई प्रगति का आकलन करना तथा प्रत्येक राज्य में भूमि रिकॉर्ड में सुधार के उपायों की पहचान करना था. आर्थिक शोध संस्थान ने कहा कि आर्थिक वृद्धि और गरीबी उन्मूलन के लिए जमीन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है. सरकार, उद्योग और नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे संपत्ति का प्रभावी तरीके से उपयोग करें और विवाद कम हों. इसके लिए भेरोसमंद भूमि और संपत्ति रिकॉर्ड तक पहुंच महत्वपूर्ण है.

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel