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Jharkhand Cabinet: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार शुरू करेगी ‘अबुआ आवास’ योजना, पीएम आवास से बड़ा होगा मकान

Jharkhand Cabinet Decisions|मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कैबिनेट की हर बैठक में ऐतिहासिक फैसले होते रहे हैं. इस बार झारखंड सरकार ने गरीबों के लिए अबुआ आवास योजना शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है.

Jharkhand Cabinet Decisions|झारखंड में अब लोगों को प्रधानमंत्री आ‍वास से बड़ा मकान मिलेगा. राज्य सरकार बनाकर देगी. ‘अबुआ आवास’ योजना के तहत न केवल लोगों को पीएम आवास से बड़ा मकान मिलेगा, बल्कि उसमें सुविधाएं भी ज्यादा होंगी. लोग स्वाभिमान के साथ इस मकान में रह सकेंगे. सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार (18 अक्टूबर) को कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कैबिनेट की हर बैठक में ऐतिहासिक फैसले होते रहे हैं. इस बार झारखंड सरकार ने गरीबों के लिए अबुआ आवास योजना शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी’ योजना शुरू होगी. इसके तहत लोग बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे. खासकर बुजुर्ग, महिला, विद्यार्थी, आंदोलनकारी और स्वतंत्रता सेनानी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का फायदा झारखंड के कम से कम एक करोड़ लोगों को मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शहर जाने में. एक गांव से दूसरे गांव जाने में सहूलियत होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में इन दो अहम फैसलों के साथ-साथ कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.

16320 करोड़ रुपए खर्च करेगी झारखंड सरकार

हेमंत सोरेन ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य के गरीबों को दिए जाने वाले आठ लाख से अधिक आवास की स्वीकृति नहीं मिलने के बाद राज्य संपोषित अबुआ आवास योजना को स्वीकृति प्रदान की गई. योजना के तहत आवास विहीन गरीब लोगों के लिए आठ लाख पक्का आवास के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है. इसके तहत प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2023-24 में दो लाख, वर्ष 2024-25 में तीन लाख 50 हजार एवं वर्ष 2025-26 में दो लाख 50 हजार पक्का आवास का निर्माण किया जाएगा. इस पर 16 हजार 320 करोड़ रुपए की लागत आएगी.

ऐसा होगा अबुआ आवास

अबुआ आवास योजना के अंतर्गत तीन कमरों का पक्का मकान एवं रसोई घर बनाया जाएगा. इसका क्षेत्रफल 31 वर्गमीटर होगा. योजना अंतर्गत तीन कमरों सहित स्वच्छ रसोई घर का प्रावधान किया गया है. योग्य लाभुकों के लिए योजना के तहत आवास निर्माण के लिए सहयोग राशि बढ़ाकर दो लाख रुपए करने का प्रावधान कैबिनेट की बैठक में किया गया. साथ ही, लाभार्थी को महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अपने आवास के निर्माण के लिए वर्तमान मजदूरी (समय-समय पर संशोधित) दर पर अधिकतम 95 अकुशल मानव दिवस के समतुल्य आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण हेतु प्राप्त होगा.

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इन लोगों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ कच्चे घरों में रहने वाले परिवार, आवासविहीन एवं निराश्रित परिवार, विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (PVTG) के परिवार, प्राकृतिक आपदा के शिकार परिवार, कानूनी तौर पर रिहा किए गए बंधुआ मजदूर एवं वैसे परिवार, जिन्हें राज्य सरकार अथवा केंद्र सरकार द्वारा संचालित आवास योजना यथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण/बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना/बिरसा आवास योजना/इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं मिला हो. इसमें प्रावधान किया गया है कि पात्रता मापदंड के अनुसार लाभुक की स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्राम सभा में तैयार की जाएगी.

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Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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