झारखंड में कोरोना के मरीजों को एंटीजेन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना होगा, सिर्फ लक्षणों के आधार पर होगा इलाज
इसके अलावा कई मामलों में संक्रमण के बावजूद रिपोर्ट निगेटिव आने की वजह से भी दिक्कत हो रही थी. ऐसे मरीजों के एचआरसीटी में संक्रमित होने का पता चलने के बावजूद अस्पतालों में इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने लक्षणों के आधार पर ही अस्पतालों को मरीजों का इलाज शुरू करने के लिए प्रक्रिया में संशोधन का निर्देश दिया था.
Corona update in jharkhand, Coronavirus Symptoms 2021 in Hindi रांची : कोविड-19 संक्रमितों को अपने इलाज के लिए एंटीजेन या आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना होगा. संक्रमण के लक्षण के आधार पर ही अस्पताल उनको भर्ती कर इलाज शुरू करेंगे. राज्य सरकार ने सभी अस्पतालों को इससे संबंधित निर्देश दिया है. अब तक कोविड-19 संक्रमितों को उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट के आधार पर ही अस्पतालों में भर्ती किया जाता था. हाल के दिनों में जांच में होने वाले विलंब और जांच के लिए हो रही कठिनाई के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
इसके अलावा कई मामलों में संक्रमण के बावजूद रिपोर्ट निगेटिव आने की वजह से भी दिक्कत हो रही थी. ऐसे मरीजों के एचआरसीटी में संक्रमित होने का पता चलने के बावजूद अस्पतालों में इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने लक्षणों के आधार पर ही अस्पतालों को मरीजों का इलाज शुरू करने के लिए प्रक्रिया में संशोधन का निर्देश दिया था.
जांच कराने में हो रही है परेशानी :
कोविड-19 की जांच कराने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. निजी लैबों द्वारा घरों में जाकर सैंपल इकट्ठा नहीं किया जा रहा है. लैब के फोन नंबरों पर मशक्कत के बाद भी कॉल नहीं लिया जा रहा है. लैब में जाने पर भी जांच के लिए लंबी कतार लग रही है. जिनकी जांच हो रही है, उनको भी रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.
बैकलॉग अधिक होने की वजह से जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा करायी जा रही जांच लोगों को थोड़ी राहत जरूर प्रदान कर रही है. निर्धारित जगहों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है. लेकिन, ज्यादातर जगहों पर केवल एंटीजेन जांच ही की जा रही है.
Posted By : Sameer Oraon