रांची. डॉ कामिल बुल्के पथ स्थित लोयला मैदान में गुरुवार को कैथोलिक कलीसिया के लिए पुण्य बृहस्पतिवार की विशेष धर्मविधि हुई. मिस्सा अनुष्ठान में आर्चबिशप विंसेंट आईंद ने कहा कि दूसरों की सेवा करना ही सच्ची भक्ति है और यही हम मसीहियों और ईसाइयत की सच्चाई हैं. हम और आप सिर्फ स्मृतियों तक सीमित हो जाते हैं और भावना में बह जाते हैं. लेकिन हम मिस्सा के माध्यम से जुड़े प्रेम के पाठ को भूल जाते हैं. साथ ही सिर्फ नीति नियम का पालन करते हैं. जबकि होना यह चाहिए कि हमें दूसरों में यीशु को पहचानना है. प्रभु सचमुच में रोटी में बदल जाते हैं. इसे भोजन के रूप में लेकर हमें अपने जीवन में यीशु के रूप में बदलना होगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह यीशु ने अपने चेलों की सेवा की. उसी तरह हमें भी करना है और यीशु के स्वभाव को ग्रहण करते हुए दूसरा यीशु बनना है. इस प्रकार से हमें दूसरों की सेवा करते हुए प्रेम को बढ़ाना है. मिस्सा अनुष्ठान के दौरान आर्चबिशप ने जिस तरह यीशु ने अपने 12 चेलों के पैर धोकर समानता, एकता, सेवा, प्रेम का संदेश दिया था, उसी प्रकार आर्चबिशप ने 12 सामान्य लोगों के पैर धोये. इस अवसर पर फादर अजीत खेस, पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो, फादर रायमन टोप्पो, फादर गुलशन मिंज, फादर अजय अनिल तिर्की, नीलम तिडू, फादर अजय खलखो, फादर प्रदीप कुजूर, फादर थियोडोर टोप्पो आदि उपस्थित थे.
आर्चबिशप ने इन लोगों के पैर धोये
टमटम टोली के अंसलेम मिंज, हिंदपीढ़ी के संतोष टोप्पो, वर्द्धमान कंपाउंड के अलफोंस एक्का, चुनवा टोली के जॉर्ज लकड़ा, पुरानी रांची के मुन्ना किस्पोट्टा, मधुकम के मथियस टोप्पो, पुराना बैंक डेरा के जेवियर खलखो, बढ़ही टोली के जॉर्ज कुजूर, ढुमसा टोली के गोपाल पॉल एक्का, कुम्हार टोली के जोन तिग्गा, कोनका सिरम के प्रदीप कुजूर और फातिमा नगर के इमानवेल तिग्गा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

