Ranchi News : सिरमटोली फ्लाइओवर के रैंप मुद्दे पर बैठक, दो गुटों में झड़प

एक गुट के लोग सोमवार को सरकार के मंत्री व विधायकों का पुतला दहन करेंगे, दूसरे गुट ने किया विरोध. 21 मार्च को रांची में मशाल जुलूस निकाला जायेगा और 22 मार्च को रांची बंद का आह्वान किया गया है.

By Prabhat Khabar News Desk | March 16, 2025 7:51 PM

रांची. सिरमटोली सरना स्थल के समक्ष फ्लाइओवर के रैंप निर्माण को लेकर रविवार को विभिन्न संगठनों की बैठक हुई. इस दौरान दो विरोधी गुट आमने-सामने आ गये. इस दौरान दोनों गुटों में झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई. एक न्यूज पोर्टल की महिला पत्रकार के साथ भी धक्का मुक्की हुई. एक गुट के लोग सिरमटोली सरना स्थल के सामने रैंप निर्माण को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना रहे थे. इस दौरान तय हुआ कि सोमवार को मुख्यमंत्री सहित सभी आदिवासी मंत्रियों व पक्ष-विपक्ष के सभी विधायकों की शवयात्रा निकालकर पुतला दहन किया जायेगा. वहीं, 21 मार्च को रांची में मशाल जुलूस निकाला जायेगा और 22 मार्च को रांची बंद का आह्वान किया गया है. सरकार अगर रैंप मामले का समाधान नहीं करती है, तो आदिवासी समाज के लोग खुद ही इसे तोड़ने का काम करेंगे. इसके अलावा रांची डीसी द्वारा सरहुल शोभायात्रा को लेकर होनेवाली शांति समिति की बैठक में भी समाज के लोग शामिल नहीं होंगे.

सरहुल शोभायात्रा को प्रभावित करने की कोशिश

इस दौरान प्रेमशाही मुंडा, निरंजना हेरेंज, लक्ष्मी नारायण मुंडा, कुंदरसी मुंडा, विजय तिर्की, जगलाल पाहन, फूलचंद तिर्की, बबलू मुंडा, संगीता कच्छप, राहुल तिर्की सहित अन्य लोग उपस्थित थे. वक्ताओं ने कहा कि झारखंड की अबुआ सरकार आदिवासी के नाम पर वोट तो ले लेती है पर आदिवासी हितों के मामले में मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों का मुंह नहीं खुलता है. पिछले दो महीने से रैंप के खिलाफ आदिवासी समाज लगातार आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार और मंत्री-विधायक आश्वासन देने के अलावा और कुछ नहीं कर रहे हैं. इस तरह से सरहुल की शोभायात्रा को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है.

रामेश्वर उरांव भी पहुंचे, किया समर्थन

बैठक के दौरान पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर समाज के साथ हैं. सरकार साथ नहीं भी दे, तो भी वे इस मामले पर समाज का समर्थन करते हैं. इस दौरान कुछ लोगों ने कहा कि क्या आप पुतला दहन नहीं हो, इसीलिए यहां आये हैं. इस पर रामेश्वर उरांव ने कहा कि ऐसी बात नहीं है, मैं समाज के साथ हूं.

केंद्रीय सरना समिति भारत ने 22 मार्च की बंदी का समर्थन नहीं किया

केंद्रीय सरना समिति (अजय तिर्की गुट) के अजय तिर्की ने अपने समर्थकों के साथ सिरमटोली सरना स्थल पर बैठक की. अजय तिर्की ने कहा कि कुछ लोग जो भारत आदिवासी पार्टी और भाजपा से जुड़े हैं, वे फ्लाइओवर के मामले में राजनीति कर रहे हैं. यह सरना स्थल है और यहां माथा टेकने, पूजा करने के लिए लोग आ सकते हैं. अगर यहां पर राजनीति होगी, तो उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी जायेगी. केंद्रीय सरना समिति भारत के महासचिव राजू मुन्ना ने कहा कि वे 22 मार्च की बंदी का समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि यह बंदी आदिवासी समाज को गुमराह करने के लिए की जा रही है.

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