14.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

18 करोड़ का स्लॉटर हाउस, लेकिन 2000 की जगह रोज कट रहे बस दर्जनभर खस्सी

प्रशासक अमीत कुमार की पहल पर पांच साल बाद कांके में 18 करोड़ में निर्मित स्लॉटर हाउस का दोबारा संचालन शुरू किया गया.

रांची. प्रशासक अमीत कुमार की पहल पर पांच साल बाद कांके में 18 करोड़ में निर्मित स्लॉटर हाउस का दोबारा संचालन शुरू किया गया. लेकिन शहर के लोगों द्वारा इसमें रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे इसका संचालन करना घाटे का सौदा हो रहा है. इस स्लॉटर हाउस की क्षमता जहां प्रतिदिन 2000 खस्सी काटने की है, वहीं इसमें रोज मात्र 10-12 खस्सी ही कट रहे हैं. नतीजा यहां दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है. यहां कार्य करनेवाले कर्मियों की मानें, तो कम लोगों द्वारा मीट का ऑर्डर दिया जाता है, इस कारण वह लोग सुबह पांच से सात बजे तक ही काम करते हैं. थोड़ा सा ऑर्डर रहने के कारण दो घंटे में ही काम पूरा कर दिया जाता है. फिर दिनभर कुछ काम ही नहीं रहता है. पांच एकड़ में फैले इस स्लॉटर हाउस में ऐसे उपकरण हैं, जहां से खस्सी काटकर उसके मीट की सप्लाई पूरे शहर में की जा सकती है. लेकिन खुले में बेधड़क संचालित होनेवाली खस्सी दुकानों के कारण कोई भी यहां मीट खरीदने आता ही नहीं है. इस स्लॉटर हाउस में कोई भी व्यक्ति मात्र सौ रुपये देकर खस्सी या बकरा की कटाई करा सकता है. लेकिन जागरूकता के कमी के कारण लोग यहां जाते ही नहीं हैं. इस स्लॉटर हाउस में धार्मिक मान्यता को देखते हुए झटका व हलाल, दोनों ही विधि से पशु काटने की व्यवस्था है. यहां काटे गये मीट की सप्लाई शहर की विभिन्न दुकानों में करने के लिए चिलिंग वैन की भी सुविधा उपलब्ध है. स्लॉटर हाउस के नहीं चलने के पीछे का एक महत्वपूर्ण कारण गली मोहल्ले में बिना नियम कानून के संचालित हो रही मीट की दुकानें भी हैं. लोग घर से निकल कर यहीं से मीट खरीद लेते हैं. नतीजा स्लॉटर हाउस से मीट की खरीदारी कोई दुकानदार करता ही नहीं है. अगर निगम और जिला प्रशासन गली-मोहल्ले में अवैध रूप से संचालित मीट दुकानों पर कार्रवाई करते, तो सारे दुकानदार स्लॉटर हाउस से मीट खरीदने के लिए बाध्य होते. लेकिन ऐसा अब तक नहीं हुआ है. दूसरी ओर ऐसी दुकानों पर कार्रवाई करने के लिए झारखंड हाइकोर्ट ने भी जिला प्रशासन को निर्देश दिया है.

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel