जागरुकता . डीसी ने बतायी वस्तु एवं सेवा कर की बारीकियां, कहा
जीएसटी से व्यवसायियों में थोड़ी घबराहट है. इसको लेकर जिला प्रशासन ने कार्यक्रम का आयोजन किया और जीएसटी के तमाम पहलुओं की जानकारी दी.
साहिबगंज : समाहरणालय सभाकक्ष में रात्रि 10 बजे जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन डीसी शैलेश चौरसिया की अध्यक्षता में हुई. डीसी शैलेश चौरसिया ने वस्तु एवं सेवा कर की बारीकियों को समझाते हुए सभी व्यवसायी वर्ग को इसे लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इसमें कई तरह के कर समाहित हैं. इसीलिये इसे ठीक से समझने की जरूरत है. वाणिज्य कर आयुक्त रमेश कुमार वर्मा ने सभा कक्ष में उपस्थित लोगों को जीएसटी की तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला. दूसरी ओर शुक्रवार रात 12 बजे वेबकास्टिंग के माध्यम से जीएसटी प्रोग्राम का सीधा प्रसारण देखा. अवसर पर डीडीसी नैंसी सहाय,
एसी अनमोल सिंह, डीपीआरओ प्रभात शंकर, मेसो पदाधिकारी बबलू मुर्मू सहित जिलास्तरीय पदाधिकारी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं शहर के गणमान्य उपस्थित थे.
कहते हैं व्यवसायी
जीएसटी के आने से प्रतिदिन खरीदी जाने वाली सामग्री की कीमतें सस्ती होगी. लोगों को जीएसटी से नहीं है घबराना चाहिये.
– चेतन भरतिया, अध्यक्ष, साचेका
वैट व एक्साइज ड्यूटी लोगों को 25 से 26 प्रतिशत देना पड़ता था. लेकिन अब 28 फीसदी देना है लोगों को नहीं घबराना चाहिए.
– सुनील शर्मा, सचिव, साचेका
जीएसटी से व्यापारियों को जो डर था उन्हें निकाल देना है. इस नियम के लागू होने से सभी प्रकार के लोगों को लाभ पहुंचेगा.
– नवीन भगत, अध्यक्ष, इस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स
जीएसटी लागू होने से स्वर्ण व्यवसायी पर कुछ बोझ आ सकता है लेकिन लोगों को घबराना नहीं चाहिए. सरकार को लाभ ही है.
– संजय स्वर्णकार, स्वर्ण व्यवसायी
सभी तरह के बिस्कुट व घरेलू सामान सस्ता हुआ है. 500 रुपये से अधिक के जूते चप्पल पर 18 फीसदी टैक्स दिया जाना है. जिससे लाभ मिलेगा.
– अमित कुमार, दुकानदार
कॉस्मेटिक, चॉकलेट, सेविंग, क्रीम, सैंपू में जीएसटी लागू होने से 28 फीसदी टैक्स देना होगा. लोगों पर दबाव बढ़ेगा.
– अनिल भगत, श्रृंगार दुकानदार
