घर लौटी दिल्ली में बिकी पहाड़िया बेटी

अच्छी पहल . दिल्ली पुलिस व चाइल्ड लाइन ने की काोशिश पहाड़िया आदिम जनजाति को काम दिलाने के नाम पर खरीद फरोख्त का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन साहिबगंज जिला के पहाड़ी क्षेत्रों व आदिम बाहुल क्षेत्रों में काम दिलाने के नाम पर आये दिन दलालो घुमते हुये देखा जाता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 15, 2017 6:49 AM
अच्छी पहल . दिल्ली पुलिस व चाइल्ड लाइन ने की काोशिश
पहाड़िया आदिम जनजाति को काम दिलाने के नाम पर खरीद फरोख्त का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन साहिबगंज जिला के पहाड़ी क्षेत्रों व आदिम बाहुल क्षेत्रों में काम दिलाने के नाम पर आये दिन दलालो घुमते हुये देखा जाता है. जिसका नतीजा कहीं न कहीं देखने को मिल ही जाता है.
साहिबगंज : शुक्रवार को दिल्ली पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम जब एक पहाड़िया युवती 17 को लेकर साहिबगंज रेलवे स्टेशन परिसर स्थित जीआरपी थाना पहुंचा और दिल्ली पुलिस टीम ने युवती के आधार कार्ड के आधार पर जीआरपी थाना में साहिबगंज में कार्यरत चाइल्ड लाइन के समक्ष युवती को सौंपा. इस संबंध में जीआरपी थाना प्रभारी शिवशंकार प्रसाद ने बताया कि दिल्ली पुलिस व चाइल्ड लाइन के सदस्यों द्वारा एक नाबालिग पहाड़िया जाति को सौंपा है. जिसे हम लोगों ने साहिबगंज चाइल्ड लाइन की महिला सदस्यों को सौंप दिया है. वहीं साहिबगंज चाइल्ड लाइन की सदस्य अंजली सिंह ने बताया कि जीआरपी थाना के सूचना पर हमारी टीम जीआरपी थाना पहुंच कर दो वर्ष से दिल्ली में रह रही लड़की को जीआरपी व दिल्ली पुलिस व दिल्ली चाइल्ड लाइन के सदस्या अंजू कुमारी व सीमा कुमारी द्वारा उन्हें सौंपा गया है और अब हम लोग अपने स्तर से उक्त युवती के परिजनों को सौंपेंगे.
बरहेट का सुमित ले गया था दिल्ली
दो वर्ष से दिल्ली में रह रही साहिबगंज के बरहेट प्रखंड अंतर्गत पचकठिया की रहने वाली नाबालिग लड़की ने बताया कि उसे दो वर्ष पहले बरहेट निवासी सुमित कुमार काम दिलाने के नाम पर मुझे दिल्ली ले गया. जहां उसे बेच दिया गया है. वहां उसका नाम बदल कर प्रियंका कुमारी रख दिया गया. परंतु बहुत पहले से वह भागने का प्रयास कर रही थी. लेकिन मौका पाकर वो भाग निकली और लाजपत पार्क चली गयी. वहां उसे दिल्ली पेट्रोलिंग की पुलिस ने अकेले देख कर पूछताछ किया और फिर उसे महिलाओं के साथ रखा फिर ट्रेन से दो महिला व पुलिस के साथ साहिबगंज लाया गया है.
आधार कार्ड में है लड़की का पता
दो वर्षों से दिल्ली में बेची गयी मरियम मालतो का पता उसके पास मौजूद आधार कार्ड से पता चला है. वह बरहेट के पचकठिया की रहने वाली है.