अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर घर लौटे गोरा हो
एशिया कप आर्चरी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
राजनगर के बालीजुड़ी गांव के रहने वाले हैं गोरा हो
वर्तमान में आर्मी से खेलते हैं
खरसावां : बैंकॉक में संपन्न एशिया कप आर्चरी चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत कर शुक्रवार को लौटे तीरंदाज गोरा हो का भव्य स्वागत किया गया. दुगनी आर्चरी प्रशिक्षण केंद्र में कोच हिमांशु मोहंती, बीएस राव समेत साथी तीरंदाजों ने गोरा हो का फूलमाला पहना कर स्वागत किया.
इसके बाद गोरा हो अपने गांव राजनगर के बालीजुड़ी पहुंचे. यहां भी गांव के लोगों ने गोरा हो का स्वागत किया. मालूम हो कि गोरा हो ने अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता (एशिया कप आर्चरी चैंपियनशिप, बैंकॉक) में ही स्वर्ण पदक जीता है. मौके पर तीरंदाज राजेश मांझी, अमृत महतो, नागा हेंब्रम, शिव प्रसाद महतो, गोपाल हेंब्रम, शिव कुंभकार, गुरुवारी सरदार, आरती बोइपाई, रिंकी, पुरती, भुटान स्वांसी आदि तीरंदाज मौजूद थे. गोरा हो वर्तमान में आर्मी से खेलते हैं. गोरा हो पूर्व में खरसावां के दामादिरी मैदान स्थित तीरंदाज संघ व दुगनी स्थित तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले चुके हैं.
पांच अप्रैल को फिलीपींस रवाना होंगे गोरा
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए तीरंदाजी गोरा हो ने कहा कि तीरंदाजी में उनका अगला लक्ष्य ओलिंपिक में पदक जीतना है. इसकी तैयारी में वे अभी से ही जुट गये हैं. रोजाना अभ्यास भी कर रहे हैं. गोरा ने बताया कि एशिया कप आर्चरी चैंपियनशिप के दूसरे राउंड के खेल में भाग लेने वे पांच अप्रैल को फिलीपींस रवाना होगा.
