बड़े भाई बलभद्र बहन सुभद्रा संग मौसीबाड़ी पहुंचे प्रभु जगन्नाथ

फोटो19एसकेएल-1-रथ खींचते श्रद्धालुप्रतिनिधि, सरायेकला सरायकेला रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर अर्थात मौसीबाड़ी को पहुंचे. रविवार लगभग साढ़े चार बजे भक्तों द्वारा जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ रथ खींचा गया. जो लगभग साढ़े सात बजे तक थाना चौक के समीप अवस्थित मौसीबाड़ी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 19, 2015 7:04 PM

फोटो19एसकेएल-1-रथ खींचते श्रद्धालुप्रतिनिधि, सरायेकला सरायकेला रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर अर्थात मौसीबाड़ी को पहुंचे. रविवार लगभग साढ़े चार बजे भक्तों द्वारा जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ रथ खींचा गया. जो लगभग साढ़े सात बजे तक थाना चौक के समीप अवस्थित मौसीबाड़ी को पहुंचा. पुरी की तर्ज पर आयोजित सरायकेला की रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा दो दिनों में मौसीबाड़ी को पहुंचते हैं. पहले दिन श्री मंदिर से निकल कर प्रभु बीच रास्ते यानी बडदांड में विश्राम करते हैं और दूसरे दिन को मौसीबाड़ी पहुंचते हैं. गौरतलब है कि शनिवार को पुजारी द्वारा वैदिक रीति-रिवाज के तहत पूजा- अर्चना की गयी और राजा आदित्यप्रताप सिंहदेव द्वारा छेरापहंरा रस्म अदा करते हुए भगवान को रथ पर सवार कराया गया. रथ चलते ही पुरा क्षेत्र जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा. रथयात्रा पर भक्त रथ पर सवार अपने आराध्य देव के दर्शन किये. माना जाता है कि रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ के एक बार दर्शन से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं. इसलिए रथयात्रा पर अपने आराध्य के दर्शनार्थ भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. भक्त भगवान के दर्शन के साथ रथ भी खींचे. माना जाता है जो भक्त सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचता है, उसकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं.