शहर में धड़ल्ले से चल रहे मिनी वाटर प्लांट

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर में सफेद पानी का काला कारोबार हो रहा है. शहर में मिनरल वाटर के नाम पर पानी की बोतलों और पाउच की जमकर बिक्री हो रही है. शुद्ध पानी के चक्कर में लोग एक से दो पानी के जार (जिनकी क्षमता 15 से 20 लीटर) प्रतिदिन पीने के लिए घरों और […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 20, 2017 7:04 AM

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर में सफेद पानी का काला कारोबार हो रहा है. शहर में मिनरल वाटर के नाम पर पानी की बोतलों और पाउच की जमकर बिक्री हो रही है. शुद्ध पानी के चक्कर में लोग एक से दो पानी के जार (जिनकी क्षमता 15 से 20 लीटर) प्रतिदिन पीने के लिए घरों और दुकानों पर मंगा रहे हैं. लेकिन इसकी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है.

गर्मी व बारिश में बढ़ता है पानी की बिक्री: गर्मी व बारिश में पानी की बिक्री बढ़ जाती है. पानी की किल्लत और अशुद्ध पानी की समस्या से निजात पाने के लिए लोग बाजार में बिक रहे पानी को खरीद रहे हैं. शहर में 3 पानी प्लांट संचालित हैं. ग्राहकों को मिनरल वाटर देने का दावा करने वाले इन प्लांटों से आने वाले पानी में मिनरल की कोई गारंटी नहीं है. किसी के पास नहीं है ट्रेड लाइसेंस: पानी का प्लांट खोलकर पानी की बिक्री करने के लिए नियमानुसार ट्रेड लाइसेंस होना जरूरी है. लेकिन शहर में किसी के पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है. बोतल पर नहीं हैं पैकिंग और एक्सपायरी डेट: पानी की बोतल और पाउच पर पानी की पैकिंग डेट तथा एक्सपायरी समय का उल्लेख भी नहीं है.

किसी के पास लाइसेंस नहीं : सुशील कुमार
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि शहर में संचालित मिनी वाटर प्लांट बगैर ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं. शहर में तीन से चार वाटर प्लांट है. उनके द्वारा दो माह पूर्व नप से फार्म लिया गया. लेकिन अभी तक जमा नहीं किया गया. शीघ्र ही बड़े पैमाने पर वाटर प्लांटों पर छापा मार कर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जायेगा. सैंपल में पानी शुद्ध न पाए जाने तथा पैकिंग डेट आदि न होने पर प्लांट संचालक के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.