दर्जन भर नक्सली कमांडरों की सूची तैयार, हिट लिस्ट में प्रशांत

नक्सलियों के खिलाफ पुलिस-सीआरपीएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन जल्द... पुलिस मुख्यालय में अपराध एवं नक्सल पर समीक्षा बैठक चाईबासा : माओवादी व पीएलएफआइ नक्सलियों के खिलाफ पुलिस व सीआरपीएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन जल्द ही लांच होगा. वहीं एक दर्जन नक्सली कमांडरों की सूची तैयार कर ली गयी है, जो उक्त ज्वाइंट ऑपरेशन के हिटलिस्ट में होंगे. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 22, 2017 6:06 AM

नक्सलियों के खिलाफ पुलिस-सीआरपीएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन जल्द

पुलिस मुख्यालय में अपराध एवं नक्सल पर समीक्षा बैठक
चाईबासा : माओवादी व पीएलएफआइ नक्सलियों के खिलाफ पुलिस व सीआरपीएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन जल्द ही लांच होगा. वहीं एक दर्जन नक्सली कमांडरों की सूची तैयार कर ली गयी है, जो उक्त ज्वाइंट ऑपरेशन के हिटलिस्ट में होंगे. मंगलवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित अपराध एवं नक्सल समीक्षा बैठक के दौरान यह बातें सामने आयी. बताया गया गया कि सारंडा, कोल्हान व पोड़ाहाट में इस वक्त एक दर्जन के करीब हथियारबंद नक्सली मौजूद हैं.
अधिकतर मामलों में या तो कैडर पकड़े जाते हैं, यह फिर वे ही सरेंडर करते है, लेकिन प्रमुख नक्सली कमांडरों तक पुलिस नहीं पहुंच पाती. यहीं लोग दोबारा सुरक्षाबलों के खिलाफ साजिश रचते है. ऐसे में इन्हें पकड़ना जरूरी है. इसी टारगेट के मद्देनजर पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने संदीप दा के खिलाफ अभियान को जारी रखा, जिसमें सफलता भी मिली. सुरक्षा बलों की हिटलिस्ट में ऐसे नक्सलियों को रखा गया है,
जो झारखंड के अलावा ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और बंगला मे ऑपरेट कर रहें है.
ये हैं हिटलिस्ट में : हिटलिस्ट की सूची में एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो मेंबर प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बुढ़ा का नाम सबसे ऊपर है. इसके अलावा 25 लाख का इनामी सैक सदस्य चमन उर्फ लंबू उर्फ करमचंद हांसदा, 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य मोछु उर्फ मेहनत उर्फ कुंबा मुर्मू,
दस लाख का इनामी जोनल कमेटी मेंबर जीवन कांडूलना, दो लाख का इनामी पीएलएफआइ एरिया कमांडर सनिश्चर सुरी समेत अन्य लोग शामिल हैं.
अनसुलझे मामलों के लिए बनेगी स्पेशल टीम
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन मामलों का उद्भेदन नहीं हो पाया है, वैसे मामलों के लिए संबंधित डीएसपी की अगुवाई में स्पेशल टीम बनाया जायेगी. किसी भी थाने या चौकी क्षेत्र में कोई आपराधिक गतिविधि होती है, तो तत्परता से उसकी जांच कर उस पर कार्रवाई करें. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में आपराधिक घटना का होना थानाध्यक्ष की लापरवाही मानी जायेगी. सभी थानाधिकारियों को क्षेत्र में नजर रखने और अपने सूत्रों से सही प्रकार संवाद करने का निर्देश दिया.
सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत जुटायें
जिन मामलों के स्पीड ट्रायल चल रहें है, उन अपराधों की समीक्षा करें. उनकी गुणवत्ता व जांच में तेजी लायें, ताकि मामले का डिस्पोजल जल्द हो सके.
अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत जुटायें. एसपी ने इसके साथ ही आम जनता से आपसी तालमेल बैठाने की बात कही. हर महीने में जेल में छापेमारी करें, एसडीओ और डीएसपी के नेतृत्व में जेल व कोर्ट हाजत की सुरक्षा की भी समीक्षा करें. मौके पर एएसपी, डीएसपी, थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी उपस्थित थे.
तीन महीने में दें बेहतर रिजल्ट : एसपी
एसपी ने साफ कर दिया कि अगले तीन माह के भीतर नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में और भी बेहतर रिजल्ट सामने आना चाहिए. एसपी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि वे अपने क्षेत्र में चलने वाले वैसे विकास कार्यों को चिह्नित करें और सुरक्षा दें, जो नक्सलियों से प्रभावित हैं. उन्होंने पश्चिम सिंहभूम से सटे जिलों, झारखंड व ओड़िशा के सीमांत रास्तों एवं जंगलों में खास चौकसी एवं एहतियात बरतने का निर्देश दिया.