बकरी चोरी मामले में 11 साल बाद आया निर्णय

32 आरोपी दोषी करार, 18 को मिली छह माह की सजा... चाईबासा : घर में घुसकर तोड़फोड़ करने व बकरी चुराकर खा जाने के मामले में एसडीजेएम सदर गुलाम हैदर की अदालत ने 32 आरोपियों को दोषी ठहराया है. इनमें लोकनाथ प्रधान, नरिटो देई, दिलीप प्रधान, बासुदेव प्रधान, कुमारी अनुसईया प्रधान, अभिमन्यु प्रधान, श्रीमती शिशु […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 1, 2014 6:11 AM

32 आरोपी दोषी करार, 18 को मिली छह माह की सजा

चाईबासा : घर में घुसकर तोड़फोड़ करने व बकरी चुराकर खा जाने के मामले में एसडीजेएम सदर गुलाम हैदर की अदालत ने 32 आरोपियों को दोषी ठहराया है. इनमें लोकनाथ प्रधान, नरिटो देई, दिलीप प्रधान, बासुदेव प्रधान, कुमारी अनुसईया प्रधान, अभिमन्यु प्रधान, श्रीमती शिशु देवी, सुशांत प्रधान, सुषमा कुमारी प्रधान, बुधु प्रधान, बसंत प्रधान, रोहिबु प्रधान, धनेश्वर प्रधान, अनंद प्रधान, माया प्रधान, महुरो प्रधान, लखन प्रधान, गोकुल प्रधान, मुटू प्रधान, मगरु प्रधान, मोनो प्रधान, लंबू प्रधान, बुधु प्रधान, पोपो प्रधान, उदय प्रधान, राथो प्रधान, हेमंत प्रधान, बियोइन प्रधान, ओजेन प्रधान, गुरुदेव प्रधान, धोनो पाट पिंगुवा, जयपाल पाट पिंगुवा शामिल है. 11 साल तक चले मुकदमे में 18 आरोपियों को छह माह की सजा सुनायी गयी है. जबकि 14 आरोपी जिनमें महिला व वृद्ध शामिल है, उन्हें डांट फटकार कर छोड़ दिया गया.

पटाजैत निवासी परशुराम प्रधान ने 21.7.2003 को कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया था. जिसमें उन्होंने बताया कि जमीन विवाद को लेकर उसके भाईयों ने कुछ लोगों के साथ मिलकर 13.6.2003 के दिन उनके घर में घुस आये. घर पूरी तरह से तोड़ने के बाद उन्होंने उनकी 6 बकरी चुरा ली तथा मारकर खा गये.