जैंतगढ़ : सलमानों के लिए जुमा का पर्व सबसे पवित्र दिन है. किसी काम का जुमा से शुरू होना शुभ माना जाता है. इस बार रमजान में कई इत्तेफाक जुड़े हैं. रमजान का पहला दिन भी जुमा से शुरू हुआ और जुमा को ही अलविदा के साथसंपन्न होगा. इस बार रमजान में कुल पांच जुमा पड़ेगा.
यह भी एक नेमत है. इस बार सेहरी और इफ्तार के समय में भी मामूली अंतर दिखाई देगा. हर दिन सेहरी और इफ्तार में लगभग 3 से पांच मिनट के समय का फेरबदल होगा, जो कि पहले दस से 15 मिनट तक का होगा. रमजान माह में जन्नत के सारे दरवाजे खोल दिये जाते हैं.
