चाईबासा : आम बजट में इपीएफ पर टैक्स की घोषणा से कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है. सरकार के इस निर्णय को कर्मचारी विरोधी बताया जा रहा है. कर्मचारियों ने इस वापस लेने मांग की है. मांग पूरी नहीं होने पर चाईबासा से दिल्ली तक चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है.
इपीएफ पर टैक्स समझ से परे है. पहली बार ऐसा फैसला हुआ है, जो कि कर्मचारी विरोधी है. फैसला सरकार को वापस लेना होगा.
– कृष्णा देवगम, सदर प्रखंड सचिव झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ
इपीएफ पर टैक्स क्यों दे? सेवानिवृत्त के बाद मिलने वाली राशि कर्मचारी का निजी धन है. इस पर टैक्स का निर्णय कर्मचारी विरोधी है. मजदूर संघ का इसका विरोध करेगा.
– रमा पांडे, अध्यक्ष झारखंड मजदूर संघर्ष संघ
कर्मचारियों के साथ अन्याय है. इसका हर स्तर पर विरोध किया जायेगा. सरकार के मनमाने फैसले पर हम आंदोलन पर उतरेंगे.
– सदानंद होता, प्रदेश सचिव झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ
