घाटशिला : घाटशिला प्रखंड अंतर्गत बंगाल की सीमा से सटी भदुआ पंचायत के चेकाम बिदीगोड़ा जंगल में पानी के लिए भटक रहे आठ हाथियों के दल में शामिल डेढ़ माह के बच्चा हाथी की बुधवार की शाम पानी न मिलने व लू लगने से मौत हो गयी.
सूचना पर पशु चिकित्सक डॉ शंकर सिंह व वनपाल पवन सिंह दलबल के साथ गुरुवार को मौके पर पहुंचे. उन्होंने हाथी के शव की जांच की. पशु चिकित्सक ने कहा कि बुधवार की शाम पांच बजे नवजात हाथी की मौत हुई है.
ऐसे चेकाम पहुंचे हाथी : बंगाल से आठ हाथियों का दल 19 अप्रैल की रात कानीमहुली पहुंचा. यहां से जामबाद होते हुए हाथियों का दल युक्तिडीह पहुंचा, जहां से चेकाम चेकडैम तथा फिर जंगल में पहुंचा. बुधवार को हाथियों का दल यहीं रहा. शाम पांच बजे बच्चा हाथी की मौत के बाद दल वहां से कहीं और चला गया.
डेढ़ माह का था बच्चा हाथी
बच्चा हाथी को नहीं मिला पानी : डॉ सिंह
पानी नहीं मिलने व लू लगने से हाथी के बच्चे की मौत होने की आशंका है. दल में शामिल हाथियों ने उसे उठाकर कहीं और ले जाने का प्रयास किया होगा. इसके कारण हाथी की सूंड़ में खरोंच आयी और खून भी बह रहा है. हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया गया है. हालांकि, रांची की फॉरेंसिक लेबोरेटरी में जांच के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई.
डॉ शंकर सिंह, पशु चिकित्सक
मृत बच्चा हाथी लगभग डेढ़ माह का होगा. पानी के अभाव व लू लगने से नवजात हाथी की मौत हुई है.
सुशील कुमार वर्मा, रेंजर
