10 बीएड कॉलेजों को तीन साल की संबद्धता

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 10 प्राइवेट बीएड कॉलेजों को राज्य सरकार ने आगामी तीन साल के लिये स्थायी स्वीकृति प्रदान की है. झारखंड सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से संबंधित पत्र कोल्हान विवि को भेजा गया है. कॉलेजों को 2021 तक की संबद्धता:... विवि के अंतर्गत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 12, 2017 3:30 AM

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 10 प्राइवेट बीएड कॉलेजों को राज्य सरकार ने आगामी तीन साल के लिये स्थायी स्वीकृति प्रदान की है. झारखंड सरकार के उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से संबंधित पत्र कोल्हान विवि को भेजा गया है. कॉलेजों को 2021 तक की संबद्धता:

विवि के अंतर्गत आने वाले इन 10 प्राइवेट बीएड कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2017-19, 2018-20 तथा 2019-21 के लिए संबंधन दीर्घीकरण के प्रस्ताव को तीन साल के लिए स्थाई स्वीकृति प्रदान की गयी है. उच्च शिक्षा के उप निदेशक डॉ अजय कुमार चौधरी की ओर से विवि के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर सरकार के निर्णय से अवगत कराया गया है. सरकार का पत्र मिलने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की जा रही है. सूचना योग्य है कि कोल्हान विश्वविद्यालय के अधीन इन 10 निजी कॉलेजों के अलावा चाईबासा महिला कॉलेज, बहरागोड़ा कॉलेज, को-ऑपरेटिव कॉलेज,

घाटशिला कॉलेज तथा जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज में भी बीएड की पढ़ाई होती है. अंगीभूत कॉलेज होने के कारण इन्हें बीएड की स्थायी मान्यता मिली हुई है. इन कॉलेजों को तीन वर्ष का संबंधन दीर्घीकरण: आशु किस्कू मेमोरियल एंड रवि किस्कू टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, चांडिल, मधुसूदन महतो टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, चक्रधरपुर, जामिनी कांत बीएड कॉलेज, सालबनी, श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदित्यपुर, करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जामिनी कल्याणी महतो कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, पोखारी, लोयला कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जमशेदपुर, इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन, सरायकेला.

उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने जारी किया पत्र
एमएड की 50 सीटों पर होगा नामांकन
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) की ओर से विश्वविद्यालय को एमएड पाठ्यक्रम के लिए 50 सीटों की मान्यता प्रदान की गयी है. विवि प्रशासन हर हाल में नये सत्र से कक्षाएं संचालित करने की तैयारी में है. इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर जून से आवेदन पत्र वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी. नयी नियमावली के अनुसार एमएड पाठ्यक्रम दो साल का होगा. एनसीटीइ की ओर से वर्ष 2015 में ही विवि को एमएड पाठ्यक्रम की मान्यता प्रदान कर दी गई थी. इसके लिए तीन वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गयी थी. लिहाजा विवि नये सत्र से हर हाल में एमएड की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी में है.