माझी परगना महाल ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी समीर मोहंती को समर्थन देने की घोषणा की

माझी परगना महाल दामपाड़ा तोरोप ने इंडिया गठबंधन के जमशेदपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी समीर मोहंती को समर्थन देने की घोषणा की है. बुधवार को घाटशिला दामपाड़ा के केंदोपोसी में आयोजित माझी परगना महाल की बैठक में विचार विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया.

By Dashmat Soren | May 22, 2024 10:01 PM
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जमशेदपुर: माझी परगना महाल दामपाड़ा तोरोप ने इंडिया गठबंधन के जमशेदपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी समीर मोहंती को समर्थन देने की घोषणा की है. बुधवार को घाटशिला दामपाड़ा के केंदोपोसी में आयोजित माझी परगना महाल की बैठक में विचार विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया. माझी परगना महाल की इस बैठक में दामपाड़ा तोरोप के 70 मौजा के माझी बाबा, पारानिक, गोडेत, जोग माझी बाबा और समाज के बुद्धिजीवी उपस्थित थे. इस बैठक की अध्यक्षता दामपाड़ा तोरोप परगना बाबा बैजू टुडू ने की. मौके पर उपस्थित परगना बाबा, माझी बाबाओं ने कहा कि आसन्न लोकसभा चुनाव में आदिवासी समाज के उत्थान, जल जंगल जमीन बचाने, हासा भाषा रक्षा करने कि बात करने वाले इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी समीर मोहंती को पूर्ण समर्थन देकर भारी मतों से विजय बनाया जायेगा. बैठक में 70 मौजा के माझी बाबा, विधायक रामदास सोरेन, कान्हू सामंत, अधिपति मांडी, रामचंद्र सोरेन, श्याम टुडू, गुहीराम हांसदा, सुखलाल हांसदा, सामू मुर्मू, बुढान मुर्मू, मंगल किस्कू समेत काफी संख्या मेें स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख मौजूद थे.
समाज में शिक्षा का दीपक जलाना होगा
परगना बाबा बैजू टुडू ने कि आदिवासी संताली समाज को समृद्ध व विकसित बनाने के लिए शैक्षणिक स्थिति को दूरस्त करना होगा. समाज में शिक्षा का स्तर दूरस्त होगा तो समस्याओं का हल भी निकलेगा. वर्तमान समय में समाज की शैक्षणिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं है. सुदूर गांव देहात में अभी भी शिक्षा की महत्व को लोग समझ नहीं पाये हैं. ऐसे में समाज के अगुआ अर्थात माझी बाबा को इसके निवारण के लिए आगे आना होगा. गांव के धर्मपिता होने के नाते उन्हें अपने बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा अपने कंधे पर उठाना होगा. गांव में शैक्षणिक स्थिति कमजोर होने के कारणों को तलाशना होगा. साथ उसका निवारण क्या हो सकता है, उसपर समाज के बुद्धिजीवियों से चर्चा करना होगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश व दुनिया के साथ चहलकदमी करने के लिए नयी पीढ़ी को हर तरह से तैयार करना होगा. सभी समाज व समुदाय तेजी से आगे की ओर अग्रसर हो रहे हैं. आदिवासी समाज को भी इस दौड़ में शामिल होना होगा, अन्यथा समाज काफी पीछे रह जायेगा. यह बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन असंभव भी नहीं है.
समाज की वर्तमान स्थिति पर किया मंथन
बैठक में आदिवासी समाज के वर्तमान स्थिति, दिशा एवं दशा समेत अन्य बिंदुओं पर गहन चर्चा किया गया.इस दौरान स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख माझी बाबा ने कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी समाज सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से काफी मजबूत है. लेकिन अभी तक सुदूर गांव देहात के लोगों में राजनीतिक चेतना नहीं है. वे एक-एक वोट की कीमत को नहीं समझ सके हैं. इसलिए अब राजनीतिक ताकत को भी समझने की जरूरत है.
युवाओं को नशा से दूर करना होगा
परगना बाबा बैजू टुडू ने कहा कि समाज में शिक्षा का अलख जलाना है. इसके लिए युवाओं को नशा से दूर करना होगा. पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, सामाजिक रीति रिवाज, पूजा पद्धति, संस्कृति, जल जंगल जमीन और संवैधानिक अधिकार को भी रक्षा करना है. इसके लिए समाज के सभी सदस्यों को निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा में आगे आना होगा.

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