Rourkela News: संगीत, नाटक व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां जीवन के अभिन्न अंग हैं, इनके बिना जीवन अधूरा है. उक्त बातें आरएसपी के निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा ने कहीं. श्री वर्मा राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के कर्मचारियों की ओर से सिविक सेंटर में राजभाषा नाटक संध्या में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. मौके पर दो नाटक का मंचन किया गया. राउरकेला इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा इसमें मुख्य अतिथि थे. वहीं दीपिका महिला संघति की अध्यक्ष नम्रता वर्मा, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) बी पलाई, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (खान), एमपी सिंह, उपाध्यक्षा(डीएमएस) एवं रीता रानी सम्मानित अतिथि थीं. कार्यक्रम का उद्घाटन नम्रता वर्मा और अन्य गण्यमान्य नेदीप प्रज्वलित कर किया.
निदेशक प्रभारी ने कर्मचारियों की प्रशंसा की
मुख्य अतिथि श्री वर्मा ने उन कर्मचारियों की प्रशंसा की, जो इस्पात संयंत्र के कर्मचारी के तौर पर अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए कला के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि हमें अपनी औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अपनी रचनात्मक भावना को भी पोषित करते रहना चाहिए. संध्या का पहला नाटक ओडिया गीति नाट्य, ‘चक्रव्यूह’ था, जो महाभारत के अभिमन्यु की कहानी पर आधारित एक संगीत नाटक था. यह बहादुरी और योद्धा के बलिदान पर केंद्रित था. गण कवि वैष्णव पाणि द्वारा लिखित नाटक के अनुसूजक एसएमएस-2 के एमओएमटी., प्रभाकर पात्र थे जिसका निर्देशन सीपी – 2 के एमओएमटी, प्रफुल्ल चन्द्र सेठी ने किया.
स्मृति चिह्न देकर कलाकारों को किया सम्मानित
इसके बाद मंचित हिंदी नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ था, जो मोहन राकेश द्वारा लिखित एक सामाजिक नाटक पर आधारित था. नाटक महत्वाकांक्षा, प्रेम और भाग्य के विषयों की खोज करने वाले प्रतिष्ठित संस्कृत कवि कालिदास के इर्द-गिर्द आधारित था. नाटक का निर्देशन ऑक्सीजन प्लांट के एसओएसटी परेश रंजन महतो ने किया. दोनों नाटकों की कथानक, नाटकीयता, संवाद, मंचीय कला, संगीत और निर्देशन के मामले में बेहतरीन प्रस्तुति रही और दर्शकों को अंत तक बांधे रखा. अंत में कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट किया गया.
राजभाषा सहायक मिन्नी रॉय को किया गया पुरस्कृत
आरएसपी के राजभाषा सहायक मिन्नी रॉय को भी राजभाषा में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया. एसएमएस-2 विभाग के गौरांग चंद्र मल्लिक और सुशांत गिरी ने मध्यांतर के दौरान अपने वाद्य संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. सहायक प्रबंधक (जन संपर्क), जॉयदेब मजूमदार ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि उप प्रबंधक (जन संपर्क), शशांक पटनायक ने सम्मान समारोह की गतिविधि का संचालन किया. सहायक महाप्रबंधक (जन संपर्क-राजभाषा), लोलती टोप्पो ने स्वागत संबोधन दिया, जबकि उपप्रबंधक (जनसंपर्क), अनिल झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम का समन्वय महा प्रबंधक (जनसंपर्क) एवं संचार मुख्य अर्चना सत्पथी के मार्गदर्शन में जन-संपर्क – राजभाषा विभाग द्वारा किया गया. कार्यक्रम में संयंत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, रंगमंच प्रेमी और कलाकारों के परिवार के सदस्य शामिल हुए.
ओड़िया नाटक के कलाकार
एसएमएस-2 के एमओएमटी, प्रफुल्ल चंद्र सेठी, टी एंड आरएम के यार्ड मास्टर, रमेश चंद्र महांति , इंस्ट्रुमेंटेशन के एमटी, पंचानन मल्लिक, एसएमएस-2 के एमओएमटी, सागर मुंडा, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) सचिवालय के कार्यपलाक सहायक, संध्या रानी दास, क्रेन मेंटेनेस के वरिष्ठ तकनीशियन, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, एसएसएम के एमओएमटी, अनिल कुमार मल्लिक, एसएमएस-2 के एमओएमटी, सुशांत कुमार महांति, एसएमएस-2 के एमओएमटी, अमूल्य कुमार बिशोई, प्लेट मिल के सहायक रोलर, गौरांग चंद्र परीजा, प्लेट मिल के एमओएमटी, प्रणब कुमार पाणिग्राही, प्लेट मिल के एमओएमटी, अशोक कुमार राउत, जन संपर्क विभाग के वरिष्ठ तकनीशियन, निरंजन धल और दिनेश पंडा थे.
हिंदी नाटक के कलाकार
एफएम एवं टीएम के वरिष्ठ ऑपरेटर, सरोज चंद्र कवि, एफएम एवं टीएम के वरिष्ठ ऑपरेटर, जेके महापात, एफएम एवं टीएम के मास्टर ऑपरेटर, खिरोद कुमार बडत्या, एचआर-जीए विभाग के ओए, सब्यसाची दाश, कोक ऑवन विभाग के ऑपरेटर, दीपक कुमार दे, एसपीपी के एमओएमटी, रमेश चंद्र सेठी, एफएमएम विभाग के मास्टर ऑपरेटर, गजेंद्र नाथ मुर्मू, एचएसएम-2 विभाग के ओसीटी, श्वेता झा, आर एंड सी लैब विभाग के ओसीटी, सुस्मिता सोना, एचएसएम-2 के मास्टर तकनीशियन, सुभाष बसु, आरएमएचपी. विभाग के ओसीटी, अमित कुमार राणा, ब्लास्ट फर्नेस विभाग के उप प्रबंधक, विक्रम झा, विद्युत वितरण विभाग के वरिष्ठ तकनीशियन, लक्ष्मण चंद्र महंतो और आर एंड सी लैब विभाग के ओसीटी, बिष्णुप्रिय पटनायक थे.
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