Lucknow News: प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष नवम्बर माह की पहली तारीख तक प्रदेश में डेंगू रोग के कुल 7,134 केस पाए गए हैं, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में डेंगू के मरीजों की संख्या 29,750 से अधिक थी. इस तरह देखा जाए तो डेंगू का डंक कमजोर जरूर हुआ है और बीते वर्ष की तुलना में यह संख्या चार गुना कम है. लेकिन, अस्पतालों में रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके बढ़ते मामले आम जनता की परेशानी का सबब बने हुए हैं. खासतौर से कई जगह अस्पतालों में बदइंतजामी के कारण स्थिति खराब नजर आ रही है.
इस वर्ष प्रदेश में डेंगू से सर्वाधिक प्रभावित जनपदों में राजधानी लखनऊ सहित गाजियाबाद, प्रयागराज, जौनपुर और अयोध्या हैं.इनमें सबसे अधिक 1,171 मामले प्रयागराज में दर्ज किये गये हैं.जबकि लखनऊ में 1,058, गाजियाबाद में 513, अयोध्या में 458 और जौनपुर में 371 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है.
उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का कहना है कि प्रदेश में उपचार, बचाव एवं जागरूकता में किए गए बेहतर प्रयासों के कारण ही डेंगू के संक्रमण में बीते वर्ष की तुलना में काफी कमी आई है. अभी तक प्रदेश के डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में कुल 3.73 करोड़ से अधिकघरों का भ्रमण किया गया, जिसमें कुल 3.54 करोड़ से ज्यादा कन्टेनर्स की जांच की गयी और कुल 8,775 लोगों को मच्छर जनित परिस्थितियां पाये जाने पर नोटिस जारी किये गये हैं.
प्रदेश के 29 जनपदों में कुल 52 कम्पोनेन्ट सेपरेशन यूनिट काम कर रही हैं. डेंगू के प्रभावी सर्वेक्षण के लिए प्रदेश के 57 जनपदों में 68 एसएसएच और 02 एपेक्स रेफरल लैब क्रियाशील हैं. इनमें प्रदेश के सभी जनपदों से डेंगू व चिकनगुनिया रोग की नि:शुल्क जांच की जा रही है. डेंगू रोग के इलाज के लिए डेंगू ट्रीटमेन्ट प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में प्रत्येक जनपद के दो चिकित्सकों को प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है.
चिकित्सकों के मुताबिक हर बुखार डेंगू बुखार नहीं होता है. रक्त में प्लेटलेट की कमी होना डेंगू बुखार की पुष्टि नहीं करता है. इसकी वजह अन्य वायरल बुखार में भी हो सकते हैं. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.
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बुखार होने पर तुरन्त अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर उपचार करायें.
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बुखार की अवस्था में तरल पदार्थों का अधिक सेवन करे एवं मच्छरदानी का प्रयोग करते हुये आराम करें.
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गर्भवती महिला छोटे बच्चों एवं वृद्ध व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें.
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डेंगू से बचाव के लिए अपने घर एवं घर के आस-पास कूलर फीज के नीचे की ट्रे पानी की टंकी, खुले में रखे टायर, गमले की नीचे की प्लेट एवं चिड़ियों के पानी पीने वाले बर्तन इत्यादि में पानी एकत्रित न होने दें.