मायावती ने कहा – पीएम मोदी की नैया डूब रही है, आरएसएस ने भी साथ छोड़ा

लखनऊ/बलिया : बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट के जरिये जोरदार हमला करते हुए कहा कि उनकी नैया डूब रही है और आरएसएस ने भी उनका साथ छोड़ दिया है.... वहीं, बलिया में सपा-बसपा गठबंधन की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 23 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 14, 2019 7:36 PM

लखनऊ/बलिया : बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट के जरिये जोरदार हमला करते हुए कहा कि उनकी नैया डूब रही है और आरएसएस ने भी उनका साथ छोड़ दिया है.

वहीं, बलिया में सपा-बसपा गठबंधन की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 23 मई से भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बुरे दिन शुरू हो जायेंगे. मायावती ने अपने पहले ट्वीट में कहा, पीएम श्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नैया डूब रही है, और इसका जीता जागता प्रमाण यह है कि आरएसएस ने भी इनका साथ छोड़ दिया है व इनकी घोर वादा खिलाफी के कारण भारी जनविरोध को देखते हुए संघी स्वंय सेवक झोला लेकर चुनाव में कहीं भी मेहनत करते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे श्री मोदी के पसीने छूट रहे हैं. उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, जनता को बरगलाने के लिए देश ने अब तक कई नेताओं को सेवक, मुख्य सेवक, चायवाला व चौकीदार आदि के रूप में देखा है. अब देश को संविधान की सही कल्याणकारी मंशा के साथ चलाने वाला शुद्ध पीएम चाहिए. जनता ने ऐसे बहुरूपियों से बहुत धोखा खा लिया है और अब आगे धोखा खाने वाली नहीं है. ऐसा साफ लगता है.

उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में कहा, रोड शो व जगह-जगह पूजा पाठ एक नया चुनावी फैशन बन गया है जिस पर भारी खर्च किया जाता है. आयोग द्वारा उस खर्चे को प्रत्याशी के खर्च में शामिल करना चाहिए और यदि किसी पार्टी द्वारा उम्मीदवार के समर्थन में रोड शो आदि किया जाता है तो उसे भी पार्टी के खर्चे में शामिल किया जाना चाहिए. बसपा प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, साथ ही किसी भी पार्टी के उम्मीदवार के चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चुनाव प्रचार पर बैन लगाने के दौरान यदि वह पूजा पाठ आदि करता है और उसे मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाता है तो उस पर भी रोक लगनी चाहिए. आयोग इस पर भी कुछ जरूर कदम उठाये. बता दें कि ‘अली-बजरंग बली’ बयान पर चुनाव आयोग के प्रतिबंध के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे.

वहीं, उत्तर प्रदेश के ही बलिया जिले के बिल्थरा रोड क्षेत्र के ककरासो गांव में महागठबंधन की संयुक्त रैली में उन्होंने कहा कि 23 मई से भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बुरे दिन शुरू हो जायेंगे तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मठ में जाने की तैयारी शुरू हो जायेगी. भाजपा के पुर्जे अभी से ढीले पड़ गये हैं. भाजपा की नाटकबाजी व जुमलेबाजी अब काम नहीं आयेगी. बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश की चुनावी सभाओं में हालत बहुत खराब दिखायी देने के बाद भाजपा ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ की कहावत को चरितार्थ कर सपा-बसपा गठबंधन को लेकर अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं. भाजपा निचले स्तर पर उतर गयी है. सपा व बसपा गठबंधन को कमजोर करने व टूटने को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश में विफल होने के बाद भाजपा दुखी है.

गौरतलब है कि सोमवार को मायावती ने एक बयान जारी कर कहा था, पीएम मोदी बहन और पत्नियों की इज्जत करना क्या जानेंगे जब वह अपनी पत्नी को राजनीतिक लाभ के लिए छोड़ चुके हैं. यहां तक कि बीजेपी नेताओं की पत्नियां अपने पतियों के मोदी के करीब जाने से डरती हैं.