महिला के साथ बदसलूकी और दिव्यांगों का अपमान क्या यही है यूपी सरकार की पहचान ?

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने ताबड़तोड़ फैसले के लिए सुर्खियों में है लेकिन योगी के मंत्री और भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं की वजह से सरकार की छवि पर असर पड़ने लगा है. एक ओर केंद्र की मोदी सरकार विकलांगों को दिव्यांग का संबोधन देकर उन्हें सम्मान दिलाने के प्रयास में जुटी है, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने ताबड़तोड़ फैसले के लिए सुर्खियों में है लेकिन योगी के मंत्री और भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं की वजह से सरकार की छवि पर असर पड़ने लगा है. एक ओर केंद्र की मोदी सरकार विकलांगों को दिव्यांग का संबोधन देकर उन्हें सम्मान दिलाने के प्रयास में जुटी है, वहीं दूसरी ओर यूपी सरकार के मंत्री सरेआम एक दिव्यांग को उसकी कमी का अहसास करा रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार खादी और ग्राम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार को ग्राम उद्योग बोर्ड के दफ्तर पहुंचे. वहां मंत्री जब साफ सफाई का निरीक्षण कर रहे थे, तो उनकी नजर एक दिव्यांग कर्मचारी पर पड़ी उन्होंने कहा, ‘लूले-लंगड़ों को संविदा पर रखा है, ये क्या सफाई कर पायेगा. इन्ही की वजह से तो सफाई का हाल बुरा है . आप पैसे दे रहे हो ना?

मंत्री ने पूरे दफ्तर का दौरा किया और सफाई को लेकर फटकार लगायी. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र किया और कहा कि अगर शाम तक सफाई नहीं करायी, तो सिर में रखकर कूड़ा उठावायेंगे. मंत्री ने जिस तरह दिव्यांगों की क्षमता पर सवाल खड़े किये वह अपराध की श्रेणी में आता है.
मोदी सरकार ने दिव्यागों के लिए संसद में एक बिल पास किया है. भेदभाव किए जाने पर दो साल तक की कैद 5 लाख रुपए तक का जुर्माना है. यह सिर्फ एक घटना नहीं है जिससे यूपी सरकार की छवि पर बट्टा लगा है, इस तरह की दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के महोबा के जैतपुर ब्लॉक में हुई जहां महिला बीडीओ महिमा विद्यार्थी के साथ एक भाजपा कार्यकर्ता एवं सेक्टर प्रभारी असमेन्द्र द्विवेदी ने घर में घूस कर दुर्व्यवहार किया. महिला बीडीओ ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की है.
उन्होंने कहा, इस शिकायत के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने तंग आकर राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह से की शिकायत की. उन्होंने महिला बीडीओ की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अति उत्साह में किया गया कार्य है. महिला बीडीओ ने कहा, असमेन्द्र द्विवेदी को कोई शिकायत है तो उन्हें दफ्तर में आकर करनी चाहिए वो मेरे घर में आ जाते हैं और बदसलूकी करते हैं.
महिला की शिकायत न थाने में सुनी गयी और ना ही मंत्री जी ने इस पर कोई संज्ञान लिया शिकायत पर उनका जवाब की भाजपा कार्यकर्ता कोई गलत काम नहीं कर सकते कुछ कार्यकर्ता अति उत्साह में ऐसा कर देते हैं. यूपी सरकार के इन नेताओं द्वारा की गयी टिप्पणी सरकार की छवि खराब कर रही है.
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