Sukanya Samriddhi Yojana: निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा ज्यादा लाभ, ऐसे निकाल सकते हैं रकम
हर माता पिता की ख्वाहिश होती है कि उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हो. वहीं कई परिवार कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण एक साथ बड़ा निवेश करने में सक्षम नहीं होते हैं. ऐसे में सुकन्या समृद्धि योजना उनके लिए बेहतर विकल्प है. अन्य योजनाओं की अपेक्षा इसमें ब्याज दर अधिक होने से लाभ मिलता है.
Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों का जीवन बेहतर बनाने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेहद अहम है. इस योजना में अपनी छोटी बचत के जरिए माता पिता या अभिभावक बेटियों का भविष्य उज्जवल बना सकते हैं. इसके लिए उन्हें योजना से संबंधित कुछ अहम बातों को ध्यान में रखना जरूरी है, जिससे उन्हें अपने निवेश का सही लाभ मिल सके.
सुकन्या समृद्धि योजना में बेटी के 21 वर्ष पूरे होने पर वह योजना के लाभ की हकदार हो जाती है. यदि परिवार में पहले से एक बेटी है और फिर जुड़वां या इससे ज्यादा बच्चियों का जन्म एक साथ होता है तो उन्हें भी योजना का लाभार्थी बनाया जा सकता है.
पहले से जुड़वां या दो से ज्यादा बच्चियों के एक साथ जन्म के मामले में बाद में जन्म लेने वाली बच्ची इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होगी. कानूनी रूप से गोद ली हुई बच्ची को भी योजना का लाभ दिया जाएगा. इस योजना के तहत सालाना 8 प्रतिशत का चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है.
योजना के तहत 10 साल से कम उम्र की बच्चियों के लिए खाता खोला जा सकता है. योजना की अवधि 21 वर्ष या लड़की के 18 वर्ष की आयु के बाद विवाह होने तक है. सुकन्या समृद्धि स्कीम में आप 250 रुपये से 1.5 लाख रुपये का निवेश आसानी से कर सकते हैं.
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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यदि आप पूरे वर्ष कोई रकम जमा नहीं करते हैं, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है. खाते को पुनर्जीवित करने के लिए आपको 50 रुपए का जुर्माना शुल्क देना होगा.
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अगर आपकी बेटी की शादी 18 साल की उम्र पर होती है तो आप खाते में मौजूद बैलेंस की 50 प्रतिशत रकम निकाल सकते हैं. लेकिन, ये 50 प्रतिशत पिछले वित्त वर्ष के कुल बैलेंस का होता है. इसके लिए रकम को लड़की की शादी से एक महीने पहले से लेकर शादी के बाद तीन महीने तक निकाला जा सकता है.
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अगर आप 10वीं के बाद बच्ची को हायर स्टडीज के लिए भेजना चाहते हैं और इसके लिए आपको रकम की जरूरत है, तो आप बेटी की उम्र 18 साल पूरी होने के बाद 50 प्रतिशत तक रकम की निकासी कर सकते हैं. ये रकम भी पिछले वित्त वर्ष के कुल बैलेंस की 50 प्रतिशत हो सकती है. इसके लिए आपको हायर स्टडीज के लिए प्रूफ देना होगा.
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इस योजना में असामयिक मृत्यु जैसे मामलों में समयपूर्व निकासी की अनुमति है.
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योजना में अधिकांश बचत खातों की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. हालांकि, म्यूचुअल फंड, स्टॉक और बॉन्ड जैसे अन्य निवेश की तुलना में इसमें अभी भी कम रिटर्न है. इसके बावजूद इसमें अन्य प्राइवेट स्कीम की तरह बाजार का जोखिम नहीं है. सुकन्या समृद्धि योजना में किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित है.
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सुकन्या समृद्धि योजना केवल बालिकाओं के लिए है. आप इसमें अपने बेटे या परिवार के किसी अन्य सदस्य के लिए निवेश नहीं कर सकते.
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इस योजना में निवेश करने पर टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. हालांकि यदि आप मैच्योरिटी से पहले धनराशि निकालते हैं तो आपको टैक्स बेनिफिट खोना पड़ेगा.