आठ रेलमार्ग: जनहित में रेलवे घाटा सहने को तैयार : मनोज सिन्हा

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ही जनता के हितों को सर्पोपरि माना है. मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी सरकार ने पहले भी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उन रेलमार्गों पर ट्रेनों का परिचालन करती रही है जो भारी घाटे में हैं. पश्चिम बंगाल में हम उन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 21, 2018 4:09 AM

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ही जनता के हितों को सर्पोपरि माना है. मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी सरकार ने पहले भी जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उन रेलमार्गों पर ट्रेनों का परिचालन करती रही है जो भारी घाटे में हैं. पश्चिम बंगाल में हम उन आठ रेलमार्गों पर ट्रेनों का परिचालन घाटे के बावजूद आगे भी जारी रखेंगे. यह कहना है रेल राज्यमंत्री व संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा का.

शनिवार रात कोलकाता पहुंचे श्री सिन्हा ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि लोक लेखा समिति (पीएसी) की सिफारिश पर रेेलवे ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर उसकी जिम्मेदारी के प्रति अगाह किया है.
आठ रेलमार्ग: जनहित…
हालांकि यह एक सामान्य प्रक्रिया है. पहले भी लोक लेखा समिति की सिफारिश पर इस मुद्दे पर जीएम की तरफ से राज्य सरकार को पत्र लिखा जा चुका है. उन्होंने कहा कि कुछ दल व नेता सत्ता के लिए कुछ भी करने व कुछ भी बोलने से परहेज नहीं करते. राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दों को हवा दी जा रही है. मेरा मानना है कि राज्य सरकार को यह अहसास होना चाहिए कि वर्तमान में राज्य के जिन आठ रेलमार्गों को घाटे में चलने के कारण चिन्हित किया गया है, उन मार्गों को बनाने में भी जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे ही लगे हैं.
ऐसे में क्या मुख्यमंत्री को जनता की गाढ़ी कमाई से बने इन रेलमार्गों को बचाए रखने और उसे घाटे से उबारने में दिलचस्पी नहीं दिखानी चाहिए. श्री सिन्हा ने कहा कि रेलवे द्वारा बार-बार घाटे की जानकारी दिये जाने के बाद भी राज्य सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में केंद्र सरकार क्या करे. गौरतलब है कि रेलवे की ओर से राज्य सरकार को भेजे गये पत्र में सोनारपुर-कैनिंग, शांतिपुर-नवद्वीप, बारासात-हासनाबाद, कल्याणी-कल्याणी सीमांत, बालीगंज-बजबज, बारुईपुर-नामखाना, बर्दवान-कटवा और भीमगढ़-पलास्थली मार्ग के घाटे में चलने के कारण ट्रेन परिचालन बंद करने की बात कही गयी है. हालांकि अभी आखिरी फैसला नहीं लिया गया है.
श्री सिन्हा रविवार को नोआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर कई चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ चुनावी रणनीति व तैयारियों का जायजा लेंगे. इसके बाद वह भाजपा के प्रदेश स्तर के नेताओं से भी मुलाकत करेंगे.