आसनसोल से 27 किलो सोना लूटने वाला पटना में गिरफ्तार
दो पिस्टल, दो बुलेट प्रूफ जैकेट, 15.8 किलो सोना बरामद... सहयोगियों की गिरफ्तारी जारी, एडीसीपी की टीम हुई रवाना गिरोह ने बैरकपुर से लूटा था 26 किलो सोना आसनसोल/पटना : वित्तीय संस्थान मुथूट फाइनेंस की आसनसोल कोर्ट मोड शाखा से बीते 23 दिसंबर को 27 किलो सोना तथा साढ़े चार लाख रुपये नगद की लूट […]
दो पिस्टल, दो बुलेट प्रूफ जैकेट, 15.8 किलो सोना बरामद
सहयोगियों की गिरफ्तारी जारी, एडीसीपी की टीम हुई रवाना
गिरोह ने बैरकपुर से लूटा था 26 किलो सोना
आसनसोल/पटना : वित्तीय संस्थान मुथूट फाइनेंस की आसनसोल कोर्ट मोड शाखा से बीते 23 दिसंबर को 27 किलो सोना तथा साढ़े चार लाख रुपये नगद की लूट करनेवाले गिरोह के सरगना सुबोधकांत सिंह तथा उसके आठ सहयोगियों को बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक घंटे की मुठभेड़ के बाद पटना में गिरफ्तार करने में सफलता पायी है. इनमें संजीव झा, शंशाक, गुल्लू तथा नीरज कुमार मुख्य आरोपी हैं. इस संबंध में रूपसपुर तथा राजीवपुर थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
मुठभेड़ में एसटीएप के निरीक्षक सिंधू शेखर, अवर निरीक्षक ऋषिकेश सहित सात पुलिसकर्मी घायल हो गये. इसके बाद से ही छापेमारी जारी है. बिहार पुलिस के महानिरीक्षक (ऑपरेशन) कुंदन कृष्णन ने कहा कि उनके पास से दो बुलेटप्रूफ जर्सी, दो पिस्टल, 25 कारतूस, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल तथा नगदी बरामद की गयी है. सरगना सुबोधकांत के सहयोगियों की गिरफ्तारी जारी है. इधर, आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि उनके पास से आसनसोल से लूटा गया 15.8 किलो सोना बरामद कर लिया गया है. मुथूट फाइनेंस की शखा प्रबंधक पापड़ी बसु नायक ने सोने के आभूषणों तथा अपराधियों की शिनाख्त कर ली है. अधिकारियों की एक टीम पटना भेजी गयी है. शीघ्र ही उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर आसनसोल लाया जायेगा.
आसनसोल से 27…
कैसे हुई मुठभेड़: बिहार पुलिस के आईजी (ऑपरेशन) श्री कृष्णन ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूम कर इस गिरोह ने 125 किलोग्राम सोना लूटा है. शुक्रवार की शाम मुठभेड़ के बाद राजधानी के रुपसपुर थाना क्षेत्र के राम जयपाल सिंह यादव नगर में एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया. एसटीएफ को सूचना मिली कि कुछ कुख्यात अपराधी कार से जा रहे हैं. एसटीएफ निरीक्षक श्री शेखर, अवर निरीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में सात पुलिसकर्मियों की टीम ने रूपसपुर थाने के रामजयपाल नगर मोड़ के पास घेराबंदी कर दी. उन्होंने आइ 20 कार को रोकने की कोशिश की.
कार चालक ने कार की गति तेज कर दी तथा भागने की कोशिश की. पुलिस कर्मियों ने बाइक से घेराबंदी की. अचानक कार से फायरिंग होने लगी. रिहायशी इलाका होने के कारण पुलिस कर्मियों को काफी संयम से फायरिंग करनी पड़ी. इसके बाद करीब 45 मिनट तक दोनों पक्षों से फायरिंग होती रही. मुठभेड़ में निरीक्षक श्री शेखर, अवर निरीक्षक ऋषिकेश तथा पांच पुलिसकर्मियों को गोली लगी. लेकिन पुलिस कर्मियों ने हार नहीं मानी. कार से एक अपराधी भागने में सफल रहा. जबकि कार से सुबोध सिंह तथा उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में सुबोध के अंतरराष्ट्रीय अपराधी होने की पुष्टि हुई.
शुरू हुआ गिरफ्तारी का दौर : उन्होंने बताया कि सुबोध को गिरफ्तार करने के बाद उसे राजीवनगर थाना अंतर्गत रामनगरी इलाके में स्थित पुष्पांजलि प्लाजा में लाया गया. यहां उसने अपना ठिकाना बना रखा था. वहां भी पुलिस को घेराबंदी के दौरान फायरिंग करनी पड़ी. हालांकि दोमंजिला भवन होने के कारण सुबोध का सहयोगी गुल्लू भाग निकला. वहां से शंशाक को गिरफ्तार किया गया. फरार गुल्लू को एसटीएफ ने हाजीपुर से गिरफ्तार किया. सुबोध ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने जयपुर से 28 किलो, बैरकपुर से 26 किलो, नागपुर से 27 किलो, गुरुग्राम से 33 किलो, आसनसोल से 27 किलो तथा आरा से 15 किलो सोने के आभूषणों की लूट की है. सभी संबंधित राज्यों की पुलिस को सूचित किया गया है.
मुथूट की आसनसोल शाखा के प्रबंधक ने की पहचान
घटना के बाद ही खुलासा किया था ‘प्रभात खबर’ ने
अपराधियों ने जिस प्रकार इस कांड को अंजाम दिया है. वह स्टाइल पूर्ण रूप से वित्तीय संस्थानों में रॉबरी के मास्टरमाइंड नालंदा बिहार निवासी सुबोध कांत सिंह का स्टाइल था. घटना के बाद ही ‘प्रभात खबर’ ने छापी थी कि इस कांड को सुबोध सिंह गिरोह ने अंजाम दिया है. पुलिस ने भी इसे भी अपनी जांच के दायरे में रखा. इससे पहले सुबोध ने मण्णपुरम फाइनेंस में 30 किलोग्राम सोना और तीन लाख रुपये नगद लूट लिये थे. उसने पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र में वारदात को अंजाम दिये. वह सिर्फ वित्तीय संस्थानों में ही डाका डालता था.
झील में गिरी बस, दस की मौत,18 घायल
मुर्शिदाबाद. घने कोहरे के कारण चालक ने नियंत्रण खोया
क्रेन के माध्यम से निकाली बस
