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पांच वर्षों में सूरत-ए-हाल बदल गयी जीतपुर उत्तररामपुर पंचायत की

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रूपनारायणपुर : सालानपुर प्रखण्ड की 11 ग्राम पंचायतों में जीतपुर उत्तररामपुर पंचायत ने पिछले पांच वर्षों में ग्रामीणों की बुनियादी सुविधा मुहैया कराने में अग्रणी भूमिका निभायी है. 18,203 की आवादी इसमें रहती है. आसनसोल सदर महकमा की यह पहली ग्राम पंचायत है, जहां संस्थागत ग्राम पंचायत सशक्तिकरण (आईएसजीपी) परियोजना से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट का […]

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रूपनारायणपुर : सालानपुर प्रखण्ड की 11 ग्राम पंचायतों में जीतपुर उत्तररामपुर पंचायत ने पिछले पांच वर्षों में ग्रामीणों की बुनियादी सुविधा मुहैया कराने में अग्रणी भूमिका निभायी है. 18,203 की आवादी इसमें रहती है. आसनसोल सदर महकमा की यह पहली ग्राम पंचायत है, जहां संस्थागत ग्राम पंचायत सशक्तिकरण (आईएसजीपी) परियोजना से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट का प्लांट लगा है.
पिछले पांच वर्षों में 13 किलोमीटर कच्ची सड़कों का पक्कीकरण, वित्तीय वर्ष 2017-18 में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों को पारिश्रमिक के रूप में 1.25 करोड़ रु पये का भुगतान कर प्रखण्ड में पहले स्थान पर रही.
मनरेगा के तहत ग्रामीणों को मिला रोजगार
प्रधान श्रीमती राय ने कहा कि कोयलांचल होने के कारण मनरेगा के कार्य आसान नहीं होते. सभी जॉब कार्ड धारकों को मनरेगा से जोड़ने की कवायद शुरू की गयी. प्रति वर्ष औसतन इस मद में एक करोड़ रु पये का भुगतान किया गया. 14 तालाब तथा बाग रामपुर, नेताजी कॉलोनी, जीतपुर और नमोकेशिया में तीन-तीन एकड़ जमीन पर फलों के बाग लगाये गये. इसका दायित्व स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है. ग्रामीणों को स्थायी आय स्रोत मिल गया है. वाटर शेड मैनेजमेंट के तहत तालाबों का खनन, फलों के बाग का निर्माण हुआ.
महिलाओं को स्वनिर्भर बनाने के लिए बकरी, मुर्गी और हंस का वितरण किया गया. एडीडीए की मदद से कुसुमकनाली से लोअर केशिया तक 120 और अरविंद नगर सर्कुलर रोड में 40 कुल 160 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगायी गयी. विकास कार्यो के कारण आईएसजीपी से 11.60 लाख रु पये का स्पेशल ग्रांट मिला. इससे कल्याणग्राम में सामुदायिक भवन का पुनरोद्धार किया गया. किराये के रूप में पंचायत को काफी फंड मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि बड़ी उपलब्धि सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट है. आईएसजीपी परियोजना के तहत प्लांट के लिए 20 लाख रु पये आवंटित हुए. पंचायत ने पांच लाख आंतरिक संसाधनों से लगा कर 25 लाख रु पये में प्लांट स्थापित किया. 17 ग्रामीणों को स्थायी रोजगार मिला. घर-घर से कचड़ा लाकर जैविक खाद बनाया जाता है. इलाका स्वच्छ है और आय भी बढ़ी है. निर्मल बांग्ला मिशन के तहत सभी घरों में शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
गियाडोबा निवासी कल्पना चौधरी ने कहा कि पंचायत का चहुंओर विकास गर्व की बात है. हर घर के दरवाजे तक पक्की सड़क पहुंची है. सड़कों में स्थायी स्ट्रीट लाइट है. प्रांतपल्ली खाद्य सहकारिता सोसाइटी के सचिव व स्थानीय ग्रामीण विजय विश्वकर्मा ने कहा कि पेयजल के लिए छोटी छोटी परियोजनाएं कारगर साबित हुयी हैं. गर्मी के दिनों में काफी राहत है. प्रांतपल्ली निवासी व डॉग ट्रेनर तन्मय घोष ने कहा कि पंचायत इलाके में शहरी सुविधाएं संतोष देती हैं. निराक्षी घोष ने बताया कि सॉलिड वेस्ट का ट्रीटमेंट प्लांट कचड़े से इलाके को प्रदूषण मुक्त करने, जैविक खाद बनाकर आय करने और 17 लोगों को रोजगार देने में सफल रहा है.
घर-घर में बिजली, हर परिवार को पेयजल
नितुरिया : नितुरिया प्रखंड की सालतोड ग्राम पंचायत ने पिछले पांच वर्षो में विकास की नयी गाथा लिखी है. ग्रामीणों को शहरी तर्ज पर हर सुविधा उपलब्ध है तथा विकास के डोर ने सभी ग्रामीणों को इस कदर बांध रखा है कि कोई राजनीतिक तनाव दिखता ही नहीं है. वर्ष 1995 में सालतोड ग्राम पंचायत बोर्ड पर कब्जा जमाने में सफलता मिली थी शशि भूषण प्रसाद यादव को.
उन्होंने राजनीति के बजाय विकास को प्राथमिकता दी. पूरे राज्य में राजनीतिक तनाव रहने के बाद भी विरास को मुद्दा बनाये जाने के कारण सभी राजनीतिक पार्टियों में इस मुद्दे पर आम राय रही है. इस कारण सामाजिक स्तर पर भी सौहार्द बना रहता है. पिछले पांच वर्षो में पंचायत के विकास का दायित्व ग्राम प्रधान अंजू देवी ने निभाया है. उन्होंने कहा कि विकास की धारा लगातार बहने के कारण ग्रामीण समस्याओं पर काबू पा लिया गया है. पंचायत के विभिन्न गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है.
गांवों के बीच की कच्ची सड़कों को भी पीसीसी में बदला जा रहा है,. कई गांवों में कम्यूनिटी हॉल, चौपाल, विभिन्न स्थलों की चारदीवारी, आंगनबाडी केन्द्र का निर्माण किया गया है. हर गांव में बिजली पहुंच गयी है. पेयजल की उपलब्धता के लिए समर्सेबुल पंपो का उपयोग कर पाइप लाईन बिछायी गयी है. पंचायत समिति अध्यक्ष शांति भूषण प्रसाद यादव ने बताया कि सालतोड ग्राम पंचायत में विगत पांच वर्षो मे 25 करोड़ रूपये से अधिक रु पये खर्च किये गये हैं. मनरेगा के तहत हजारों रोजगार सृजित किये गये हैं. पंचायत समिति को अग्रणी भूमिका में रखने में इस पंचायत की भी भूमिका है.
केंद्रा ग्राम पंचायत में बह रही विकास की बयार
पांडेश्वर : पांडेश्वर प्रखंड की तृणमूल शासित केंद्रा ग्राम पंचायत में विकास की बयार बह रही है. ग्राम पंचायत प्रधान अल्पना सूत्रधर ने बताया कि पांच सालों में ढाई करोड खर्च कर विभिन्न विकास मूलक कार्य किये गये हैं. पंचायत के विभिन्न बूथों में 10 कम्युनिटी हॉल बनाये गये हैं. केंद्रा में लाखों खर्च कर शवदाह गृह बनाया गया है. पांच लाख खर्च कर केंद्रा हटिया की ढलाई की गयी है.
पांच सालों में कई सड़कों की पक्की ढलाई की गयी है. केंद्रा मेटल धौड़ा में ढलाई सड़क, तालतोला से केंदा तीन नंबर तक 3,45,848 रूपये खर्च कर ढलाई पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन वर्षों में 270 आवासों का निर्माण पूरे ग्राम पंचायत में किया गया है. 80 सेल्फ हेल्प ग्रुप का गठन किया गया है. महिलाओं को आम के बगीचे तथा अन्य काम इसी ग्रुप के माध्यम से दिये जाते हैं. रामनगर दो नंबर में दस लाख खर्च कर कैनल का निर्माण किया गया है.
डालूरबांध स्कूल में बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है. आइसीडीएस सेंटर में पानी सप्लाई की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा रामनगर केंदा में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई की गयी है. छाताधौड़ा में जिला परिषद की धनराशि से पीएचई वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन इसका सारा काम केंदा ग्राम पंचायत ही देख रही है. वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण हो जाने से रामनगर केंद्रा तथा आसपास के गांवों में होने वाली पानी की समस्या दूर हो जायेगी. पूरे पंचायत क्षेत्र में 60 नालियां बनायी गयी हैं. इसके लिये ढाई करोड रूपये खर्च किये गये हैं.

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