22 सालों बाद बेटी को मिली ममता की छांव, अपनी मां से मिली बेटी, दोनों की आंखों से बही आंसुओं की धारा

पानागढ़ : 22 वर्षों के बाद मां-बेटी जब मिली तो उनकी आंखों से आंसुओं की धारा फूट पड़ी. मिलन का यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भी डबडबा आईं. वीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार की यह घटना किसी हिंदी सिनेमा की तरह ही प्रतीत हो रही थी. जानकारी के अनुसार विलाल विवि ने बेटी टेगरी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 5, 2018 12:57 AM
पानागढ़ : 22 वर्षों के बाद मां-बेटी जब मिली तो उनकी आंखों से आंसुओं की धारा फूट पड़ी. मिलन का यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भी डबडबा आईं. वीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार की यह घटना किसी हिंदी सिनेमा की तरह ही प्रतीत हो रही थी. जानकारी के अनुसार विलाल विवि ने बेटी टेगरी का विवाह धूमधाम से रानीगंज के शहाबुर शेख के साथ किया था.
ट्रेन में सफर के दौरान शहाबुर उसे छोड़ अन्य स्त्री के साथ भाग गया. टेगरी भटकते-भटकते अन्य प्रांत में चली गई. बेसहारा होने के बाद उसने सुधबुध खो दी. इसी क्रम में उसकी एक युवक से मुलाकात हुई. उसका सहारा पाने के बाद उसमें कुछ बदलाव आया. बाद में उसने उसके साथ विवाह कर सुखी पूर्वक रहने लगी. लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी. ट्रेन हादसे में पति समेत परिवार के सभी सदस्य मारे गये.
घटना के बाद टेगरी मानसिक रूप से बीमार हो गई. किसी कारणवश वह तीन महीने तक जेल में भी रही. छूटने पर मजदूरी करने लगी. काम करते-करते अचानक उसकी स्मृति पटल पर अपनी मां तथा अपने गांव की याद आई. वह ठेकेदार से पांच हजार रूपये लेकर गांव के लिए निकल पड़ी. सोमवार को घर पहुंच मां को देखकर वह फफक-फफक कर रोने लगी.
टेगरी को देखकर उसकी मां के खुशी के आंसू नहीं रुक रहे थे. मां-बेटी के 22 बरस के बाद मिलन का दृश्य देखकर ग्रामीण भी भावुक हो गये थे. मुलाकात से दोनों में जहां खुशी देखी गई, वहीं ग्रामीणों ने घटना को अजीबों-गरीब बताया.

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