आदिवासियों के विकास के लिए कई योजनाएं

आसनसोल : हूल दिवस पर नगर निगम मुख्यालय के समक्ष रतनधौडा आटपाडा सिद्धु कान्हू उईहार गांता द्वारा आयोजित समारोह में शिल्पांचल से बडी संख्या में आदिवासियों ने हिस्सा लिया. मेयर जितेंद्र तिवारी आदिवासियों के पारंपरिक वस्त्र रंगीन धोती में समारोह में शामिल हुए. आयोजक कमेटी सदस्यों ने श्री तिवारी, उपमेयर तबस्सुम आरा, एसीपी (ट्रॉफिक टू) […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 1, 2018 3:48 AM
आसनसोल : हूल दिवस पर नगर निगम मुख्यालय के समक्ष रतनधौडा आटपाडा सिद्धु कान्हू उईहार गांता द्वारा आयोजित समारोह में शिल्पांचल से बडी संख्या में आदिवासियों ने हिस्सा लिया. मेयर जितेंद्र तिवारी आदिवासियों के पारंपरिक वस्त्र रंगीन धोती में समारोह में शामिल हुए. आयोजक कमेटी सदस्यों ने श्री तिवारी, उपमेयर तबस्सुम आरा, एसीपी (ट्रॉफिक टू) प्रशांत कुमार दास, मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन, मेयर परिषद सदस्य (जलापूर्ति) पूर्णशशि रॉय, बोरो चेयरमैन संजय नोनिया, पार्षद दीपक साव, पार्षद सीके रेश्मा रामाकृष्णन को सम्मानित किया.
मेयर श्री तिवारी ने सिद्धु कान्हू के स्मरण में बनायी गयी शहीद बेदी पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. मेयर श्री तवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदिवासियों के उन्नयन के लिए कई योजनाएं लागू कीं. जिनका लाभ राज्य और शिल्पांचल के आदिवासी ले रहे हैं. उन्होने कहा कि आर्थिक अभाव में किसी भी आदिवासी या अल्पसंख्यक को अपनी प्रतिभा से वंचित नहीं होना पडेगा. आदिवासी व जरूरतमंद लोग उच्च शिक्षा ग्रहण नौकरियों में योगदान कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री के आदिवासियों के प्रति संवेदनाओं को साझा करते हुए कहा कि सबसे पहले ममता बनर्जी ने यह महसूस किया कि यहां के मूल निवासी आदिवासियों को उनका अधिकार और मूलभूत सुविधाओं का लाभ दिया जाये. आदिवासी अपनी जमीन से जुड़ कर अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को लेकर चल रहे हैं. पार्षद सह कार्यक्रम के अध्यक्ष सुकुल हेंब्रम, निगम सलाहकार रवि उल इसलाम, मोती लाल सोरेन आदि उपस्थित थे. नगर निगम मुख्यालय से आदिवासी अपने पारंपरिक संस्कृति नृत्य संगीत का प्रदर्शन करते हुए काली पहाडी डामारा तक रैली निकाली. डामरा स्थित सिद्धू कान्हू के प्रतिमा पर पार्षद सुकुल हेंब्रम व अन्य आदिवासियों ने माल्यार्पण किया.