भ्रूण हत्या में लाइसेंस रद्द, जाना होगा जेल

आसनसोल : क्लिनिकल इस्टेब्लिसमेन्ट एक्ट से सभी को अवगत कराने और उसके क्रियान्वयन के लिए पश्चिम बर्दवान जिला में स्थित सभी नर्सिंग होम, डायगोनेस्टिक सेंटरों के मालिकों के साथ मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) डॉ देबाशीष हलदर ने गुरुवार को एडीडीए कार्यालय भवन के सभाकक्ष में बैठक की. बैठक में भ्रूण हत्या को लेकर पीसीपीएनडीटी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 13, 2018 1:30 AM
आसनसोल : क्लिनिकल इस्टेब्लिसमेन्ट एक्ट से सभी को अवगत कराने और उसके क्रियान्वयन के लिए पश्चिम बर्दवान जिला में स्थित सभी नर्सिंग होम, डायगोनेस्टिक सेंटरों के मालिकों के साथ मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) डॉ देबाशीष हलदर ने गुरुवार को एडीडीए कार्यालय भवन के सभाकक्ष में बैठक की. बैठक में भ्रूण हत्या को लेकर पीसीपीएनडीटी एक्ट पर डॉ श्री हालदार ने विस्तृत जानकारी दी और इस कानून को पालन करने की सख्त हिदायत दी. सहायक मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुराधा दे, स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारी डिप्टी मजिस्ट्रेट मानस पांडा उपस्थित थे.
सीएमओएच डॉ हलदर ने बताया कि भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध घोषित किया जा चुका है. केंद्र, राज्य सरकारों तथा सुप्रीम कोर्ट का भी इस पर कड़ा रूख है. गर्भ में रहे किसी भी शिशु का लिंग जांच भी इसी दायरे में है. सभी निजी अस्पतालों तथा डायगोनेस्टिक सेंटरों को इस तरह की गतिविधियों से खुद को अलग रखना होगा. इस संबंध में मिलनेवाली शिकायतों के बाद न सिर्फ लाइसेंस रद्द किया जायेगा बल्कि संबंधित व्यक्ति को जेल भी भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या पर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. भ्रूण हत्या को रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट के कड़ाई से पालन करें. यदि कानून के उल्लंघन का कोई मामला प्रकाश में आता है तो उसपर कड़ाई से कार्यवाई की जायेगी.
उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में डेंगू, मलेरिया, अज्ञात बुखार आदि का प्रकोप काफी बढ़ जाता है. नर्सिंग होम और डायगोनेस्टिक सेंटर के संचालकों को इस संबंध में भी काफी सतर्कता अफनानी होगी. इस प्रकार बुखार या अन्य अज्ञात बीमारी का कोई मामला यदि उनके पास आता है तो तत्काल ऑनलाइन इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी. ताकि सरकारी स्तर पर इस संबंध में पहल की जा सके.
सीएमओएच ने कहा कि जो सरकारी चिकित्सक बाहर प्रैक्टिस करते है, उनकी पूरी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराये कि कौन चिकित्सक कहां-कहां निजी प्रैक्टिस कर रहा है. लाईसेन्स के रिनुअल और नये लाइसेंस निर्गत कराने के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा की गयी.