दुर्गापुर : विधाननगर महकमा अस्पताल में बुधवार को मरीजों को सरकारी एम्बुलेंस मुहैया कराने के नाम पर रुपया उगाही करने के आरोप में युवक को रंगेहाथ पकड़कर पिटाई करने के बाद दलाली करने का आरोप लगाते हुये उसे पुलिस के हवाले सौंप दिया. पकड़ा गया युवक चिन्मय बाउरी अमलाजोड़ा ग्राम का रहने वाला है. बुधवार सुबह एंबुलेंस में काम करने वाले कर्मियों ने चिन्मय बाउरी को गरीब महिला से एंबुलेंस मुहैया कराने के नाम पर रूपया लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई की.
अस्पताल अधीक्षक समेत अस्पताल के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो पुलिस के हाथों सौंप दिया. उल्लेखनीय है कि सरकार ने मातृत्व वैन सुविधा शुरू की है. दूरदराज ग्रामीण इलाके में रहने वाली गरीब माताओं को प्रसव के बाद उन्हें नि:शुल्क एंबुलेंस के जरिये घर पहुंचाया जाता है. तीन महीना पहले चिन्मय ने पत्नी को प्रसव के लिये विधाननगर अस्पताल में भर्ती कराया था. प्रसवोपरांत मातृत्व वैन ई सुविधा के तहत ही पत्नी को अपने घर ले गया था.
चिन्मय सरकार की इस सुविधा से अवगत हुआ और उसके बाद वह हर दिन साइकिल से विधाननगर अस्पताल आने लगा. अस्पताल में आने वाली ग्रामीण महिलाओं से संपर्क कर उन्हें कम खर्च में एंबुलेंस मुहैया कराने का आश्वासन दिया. बातों के झांसे में आकर कई महिलाएं चिन्मय को कुछ रूपये मुहैया करा एंबुलेंस से घर जाने लगी. भनक लगने पर बुधवार सुबह चिन्मय को एक महिला से एंबुलेंस मुहैया कराने के नाम पर पैसा लेते एंबुलेंस चालकों ने रंगे हाथ पकड़ लिया.
अस्पताल अधीक्षक देवव्रत दास ने बताया कि मातृत्व योजना के तहत मरीज को घर पहुंचाने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. जागरूकता के अभाव में ही ग्रामीण सरकार की इस सुविधा से वंचित हो रहे हैं. अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीजों को सरकारी योजना के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है.
